चेन्नई, 7 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु की उद्योग मंत्री एस. कीर्तना ने मंगलवार को शिवकाशी के पास एक सरकारी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के हालिया निरीक्षण के दौरान एक छात्रा से हुई बातचीत को लेकर हो रही आलोचनाओं का जोरदार खंडन किया। उन्होंने कहा कि विवाद को गलत तरीके से पेश किया गया है और उन पर किए गए हमले सरकारी स्कूलों और तमिल माध्यम की छात्राओं का अपमान करने के समान हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को लेकर विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन, पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन और कई अन्य लोगों की आलोचनाओं के बाद मंत्री ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट के माध्यम से विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया।
यह विवाद पिछले गुरुवार को विरुधुनगर जिले के एक सरकारी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में कीर्तना के दौरे से जुड़ा है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने एक छात्रा से बातचीत की और एक शिक्षिका से उस लड़की से अंग्रेजी में बात करने को कहा। जब छात्रा जवाब देने में असमर्थ रही, तो मंत्री ने कथित तौर पर छात्रों की अंग्रेजी बोलने की क्षमताओं के बारे में टिप्पणी की, खासकर उन छात्रों के बारे में जो आखिरी बेंच पर बैठे थे।
इस वीडियो के सामने आने पर राजनीतिक नेताओं और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने आलोचना की और उन पर छात्रा को शर्मिंदा करने का आरोप लगाया।
इन आरोपों का जवाब देते हुए कीर्तना ने कहा कि घटना को भ्रामक तरीके से पेश किया गया है और उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका इरादा कभी भी किसी छात्रा को नीचा दिखाने का नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद एक सरकारी स्कूल में तमिल माध्यम से पढ़ाई की है और इसलिए वे समान पृष्ठभूमि वाले छात्रों के सामने आने वाली चुनौतियों को समझती हैं।
मंत्री ने कहा कि उनकी अंग्रेजी दक्षता पर की गई आलोचना वास्तव में लाखों तमिल माध्यम के छात्रों का मजाक उड़ाना है, जिन्हें उच्च स्तरीय निजी स्कूलों या महंगी शिक्षा के अवसरों तक पहुंच नहीं है।
अपने शैक्षिक सफर को याद करते हुए कीर्तना ने बताया कि उन्होंने गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई पूरी तरह से तमिल में की थी और उन्हें फ्रेंच जैसी विदेशी भाषाएं सीखने या उच्च स्तरीय निजी संस्थानों में पढ़ने का सौभाग्य प्राप्त नहीं था। उन्होंने स्वीकार किया कि कॉर्पोरेट जगत में प्रवेश करने के बाद उन्हें शुरुआत में अंग्रेजी में कठिनाई हुई, लेकिन निरंतर प्रयास से धीरे-धीरे सुधार हुआ।
कीर्तना ने कहा कि सीखना एक सतत प्रक्रिया है और वे अभी भी अपने भाषा कौशल को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि सीखने में कोई शर्म नहीं है और उनका व्यक्तिगत अनुभव तमिलनाडु के कई सरकारी स्कूल के छात्रों की आकांक्षाओं और संघर्षों को दर्शाता है।
मंत्री ने दोहराया कि विवाद को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और लोगों से आग्रह किया कि वे चुनिंदा वीडियो क्लिप या राजनीतिक बयानों के आधार पर सरकारी स्कूल के छात्रों का मूल्यांकन न करें।
–आईएएनएस
एमएस/
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