Delhi : दिल्ली में बिजली की डिमांड ने सोमवार का महा रिकॉर्ड बना दिया। बिजली की डिमांड का आंकड़ा पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 8,748 मेगावाट पर पहुंच गया। इससे पहले दिल्ली में 19 जून 2024 को बिजली की अधिकतम मांग 8,656 मेगावॉट दर्ज गई थी, लेकिन सोमवार को बिजली की डिमांड ने पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए नया रिकॉर्ड बना दिया।
स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर (एसएलडीसी) के डेटा के अनुसार, सोमवार दोपहर 3:17 बजे दिल्ली में बिजली की सबसे ज्यादा मांग 8,748 मेगवाट दर्ज की गई। यह दिल्ली के इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। इससे पहले 19 जून 2024 को सबसे ज्यादा डिमांड 8,656 मेगावाट थी। सोमवार की पीक डिमांड पिछले रिकॉर्ड से 92 मेगावॉट ज्यादा है। 2025 में दिल्ली की पीक बिजली डिमांड 8,442 मेगावॉट तक पहुंच गई थी, जो 12 जून 2025 को दर्ज की गई थी। सोमवार की डिमांड पिछले साल की पीक डिमांड से 306 मेगावाट ज्यादा है।
BSES की बिजली कंपनियां पूरी तरह तैयार
बीएसईएस प्रवक्ता ने बताया कि बीएसईएस की डिस्कॉम बीआरपीएल और बीवाईपीएल इलाकों में क्रमशः 3,906 मेगावॉट और 1,876 मेगावॉट की पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया। उन्होंने बताया कि बीएसईएस की बिजली कंपनियां दक्षिण, पश्चिम, पूर्व और मध्य दिल्ली में 54.4 लाख से ज्यादा ग्राहकों और लगभग 2.25 करोड़ निवासियों को भरोसेमंद बिजली सप्लाई देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने बताया कि हमारे सप्लाई क्षेत्र में 2,497 मेगवॉट की अब तक की सबसे ज्यादा पीक पावर डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया और अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में बिना रुकावट बिजली सप्लाई सुनिश्चित की। टाटा पावर-डीडीएल ने खराब मौसम के दौरान भरोसेमंद और बिना रुकावट बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए लॉन्ग टर्म स्कीम और कम समय के लिए बिजली खरीदने के व्यापक इंतजाम किए हैं।
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