नई दिल्ली : दिल्ली सरकार ने 98 फीसदी तक अपने कामों को पूरा किया है। सोमवार को सदन में वर्ष 2018-19 का आउटकम बजट पेश करते हुए उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने 14 विभागों की प्रगति रिपोर्ट को पेश की। सिसोदिया ने कहा कि 2018-19 के बजट में शिक्षा निदेशालय की 38 योजनाओं के लिए 186 संकेतक तय किए गए थे। जिसमें से 73 अत्यंत महत्वपूर्ण थे। इनमें 54 ऑन ट्रैक हैं। इन पर 74 फीसद काम हो चुका है। उच्च शिक्षा निदेशालय की 22 योजनाओं के 229 संकेतक बनाए गए थे।
इसमें 93 संकेतक महत्वपूर्ण हैं। जिसमें 80 ऑन ट्रैक हैं। इस विभाग में 86 फीसद काम हो चुका है। 13 आफ ट्रैक हैं। तकनीकी शिक्षा की 26 योजनाओं के 331 संकेतक बनाए गए थे। जिसमें से 201 महत्वपूर्ण हैं। इसमें से 159 पर 79 फीसद काम हुआ है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार ने बेहतर काम किया है। वहीं 91 फीसदी योजना ऑन ट्रैक रखने वाले परिवहन विभाग ने दिल्ली में बेहतर काम किया। दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन की संख्या बढ़ी। मेट्रो का विस्तार हुआ।
पर्यावरण विभाग ने अपने क्षेत्र में 62 फीसदी तक काम करने में कामयाबी हासिल की। विभाग के तरफ से ई रिक्शा के लिए सब्सिडी जारी करने, स्कूल कालेजों में इको क्लब बनाने व पार्कों के विकास की बात कही गई है। इसी तरह आउटकम बजट में ऊर्जा विभाग में 65 फीसद, जल बोर्ड में 67 फीसद, शहरी विकास विभाग में 81 फीसद, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड में 76 फीसद, लोक निर्माण विभाग में 60 फीसद व समाज कल्याण विभाग में 80 फीसद योजनाओं को ऑन ट्रैक चल रही हैं।
आउटकम बजट राजनीतिक पूर्वाग्रह से ग्रस्त : गुप्ता
नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकार का आउटकम बजट स्वतंत्र नहीं है। इसे इमानदारी से पेश नहीं किया गया। सरकार को अपने आउटकम बजट का मूल्यांकन एक निष्पक्ष ऑडिट एजेंसी से करवाना चाहिए था। लेकिन सरकार ने अपने कामों की तारीफ अपने विभाग के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर करी।
सरकार ने यह नहीं बताया कि अनेक विभागों में 31 दिसम्बर तक 20 फीसदी बजट व्यय नहीं हो पाया। ऊर्जा पर मात्र 0.82 प्रतिशत, सैक्रीट्रेरियट इकोनोमिक सर्विसेज पर 1.4 प्रतिशत, कृषि तथा संबंधित सेवाओं पर 5.9 प्रतिशत, हाउसिंग पर 10.22 प्रतिशत, खाद्य आपूर्ति पर 13.89 प्रतिशत तथा टूरिज्म पर 0.7 प्रतिशत खर्च हुआ। इससे सरकार की उपलब्धियों का अनुमान लगाया जा सकता है।
शिक्षकों को दें सत्र की कार्यवाही देखने की अनुमति
उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल को पत्र लिखकर शिक्षकों को सत्र की कार्यवाही देखने की अनुमति मांगी है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि दिल्ली सरकार पिछले चार साल से शिक्षा के क्षेत्र को महत्व दे रही है। बजट में सबसे ज्यादा शेयर शिक्षा विभाग को दिया जा रहा है।
दिल्ली सरकार के प्रयास के बाद दुनिया भर से लोग यहां के मॉडल को देखने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार को भी दिल्ली सरकार अपना बजट पेश करेगी। ऐसे में मैं चाहता हूं की आप 20 शिक्षकों को सत्र की कार्यवाही देखने की अनुमति दें।


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