दिल्ली उच्च न्यायालय ने 25 अप्रैल को होने वाले दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (डीएसजीएमसी) के चुनाव इस आधार पर स्थगित करने का अनुरोध करने वाली याचिका खारिज कर दी कि कोविड-19 के मामले बेतहाशा बढ़ रहे हैं। उच्च न्यायालय ने कहा कि जब चुनाव कराने का फैसला ले लिया गया है और शहर में संक्रमितों की संख्या बढ़ने के बावजूद चुनाव प्रक्रिया नहीं रोकी गई तो अदालत ऐसे नीतिगत मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगी।
न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ और न्यायमूर्ति अमित बंसल की पीठ ने कहा, ‘‘प्रतिवादी दिल्ली सरकार के साथ ही केंद्र सरकार कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए पहले ही सभी कदम उठा रही है।’’ उसने कहा कि सरकारों के आम दिशा निर्देशों के अलावा भी हर संस्थान कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए खुद भी कदम उठा रहा है।
पीठ ने आठ अप्रैल को अपने आदेश में कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि न केवल दिल्ली सरकार चुनाव के दौरान संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए दिशा निर्देश जारी करेगी बल्कि डीएसजीएमसी भी यह सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी कि चुनाव कराने से कोविड-19 न फैले।’’
याचिकाकर्ता जगमोहन सिंह और मंजीत सिंह चुग ने सात अप्रैल को मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र भेजा था और बाद में इसे एक याचिका के तौर पर लिया गया। याचिकाकर्ता गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय की सूची में मतदाता हैं।


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