चोरी के आरोप और पिटाई से आहत होकर अस्पताल कर्मचारी ने की खुदकुशी

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Delhi : पूर्वी दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री (एलबीएस) अस्पताल में पीडब्ल्यूडी के तहत कार्यरत 42 वर्षीय कर्मचारी दीपक ने कथित तौर पर अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि चोरी के झूठे आरोप और अस्पताल के गार्ड द्वारा की गई मारपीट से आहत होकर दीपक ने जान दी है। परिजनों ने अस्पताल परिसर में ही अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर हंगामा किया। उन्होंने आरोपी गार्ड के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। लोगों के गुस्से को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने कथित आरोपी गार्ड को तत्काल प्रभाव से…

Delhi : पूर्वी दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री (एलबीएस) अस्पताल में पीडब्ल्यूडी के तहत कार्यरत 42 वर्षीय कर्मचारी दीपक ने कथित तौर पर अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि चोरी के झूठे आरोप और अस्पताल के गार्ड द्वारा की गई मारपीट से आहत होकर दीपक ने जान दी है। परिजनों ने अस्पताल परिसर में ही अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर हंगामा किया।

उन्होंने आरोपी गार्ड के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। लोगों के गुस्से को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने कथित आरोपी गार्ड को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान फिलहाल मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, दीपक त्रिलोकपुरी इलाके में परिवार के साथ रहते थे। उनकी शादी नहीं हुई थी और परिवार में दो बहनें हैं। वह लंबे समय से एलबीएस अस्पताल में पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत कार्यरत थे। सूत्रों के मुताबिक गत एक जुलाई को अस्पताल परिसर से एसी की कॉपर पाइप चोरी हो गई थी। चोरी करने वाले की कद-काठी दीपक से मिलती-जुलती होने के कारण अस्पताल के गार्ड करण को उन पर शक हो गया।

कोई सुसाइड नोट नहीं हुआ बरामद

आरोप है कि करण ने चोरी का आरोप लगाते हुए दीपक के साथ मारपीट की और पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई। बाद में जब पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो स्पष्ट हो गया कि चोरी किसी अन्य व्यक्ति ने की थी और दीपक का उससे कोई संबंध नहीं था।

बताया जा रहा है कि बेगुनाही साबित होने के बावजूद चोरी के आरोप और सार्वजनिक रूप से हुई बेइज्जती से दीपक गहरे सदमे में थे। बुधवार को उन्होंने अपने घर का कमरा अंदर से बंद कर फंदा लगा लिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जांच के दौरान कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ।

दीपक की मौत की खबर मिलते ही गुरुवार को परिजन और अस्पताल के कर्मचारी एलबीएस अस्पताल पहुंच गए और आरोपी गार्ड के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की। बढ़ते विरोध के बीच अस्पताल प्रशासन ने गार्ड करण को ड्यूटी से हटा दिया। पुलिस का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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Avinay