Delhi Jantar Mantar Interpretation Centre: देश की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल जंतर-मंतर परिसर में पर्यटकों की सुविधा और जानकारी को बेहतर बनाने के लिए एक आधुनिक सूचना (इंटरप्रिटेशन) केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की इस पहल का उद्देश्य यहां आने वाले दर्शकों को जंतर-मंतर के वैज्ञानिक, ऐतिहासिक और खगोलीय महत्व से सरल तरीके से अवगत कराना है। इस सूचना केंद्र में जंतर-मंतर परिसर का एक विस्तृत मैप तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से पर्यटक यहां मौजूद प्रमुख यंत्रों जिसमें सम्राट यंत्र, राम यंत्र, जयप्रकाश यंत्र और सौर घड़ी की जानकारी आसानी से समझ सकेंगे। इन यंत्रों का निर्माण महाराजा जय सिंह द्वितीय द्वारा 18वीं शताब्दी में कराया गया था, जिसका उपयोग समय मापने और खगोलीय गणनाओं के लिए किया जाता था।
डिजिटल तकनीक और ग्राफिकल मॉडल से लैस होगी नई परियोजना
एएसआई के एक अधिकारी के अनुसार, यह परियोजना एक निजी कंपनी के सहयोग से विकसित की जा रही है, जिसमें आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। सूचना केंद्र में डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को समझने में आसानी होगी। इसके साथ ही, छोटे-छोटे मॉडल और ग्राफिकल प्रस्तुति के जरिए जंतर-मंतर में स्थित सभी यंत्रों और संरचनाओं के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।
वैज्ञानिक विरासत को समझने में मिलेगी मदद
यह आधुनिक केंद्र पर्यटकों को जानकारी देने के साथ और अधिक रोचक और ज्ञानवर्धक बनाएगा। फिलहाल इस केंद्र का निर्माण कार्य जारी है और इसे आने वाले कुछ महीनों में आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इस पहल से जंतर-मंतर की ऐतिहासिक और वैज्ञानिक विरासत को और बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी। फिलहाल इस केंद्र का निर्माण कार्य जारी है और इसे आने वाले कुछ महीनों में आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।


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