Delhi : दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) तरनजीत सिंह संधू ने मंगलवार को दक्षिणी दिल्ली स्थित नवजीवन विहार का दौरा कर वहां के सफल ‘जीरो वेस्ट कॉलोनी’ मॉडल का निरीक्षण किया। उन्होंने इस सामुदायिक पहल को दिल्ली की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों में से एक बताते हुए इसकी सराहना की और इसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने पर जोर दिया।
इस दौरान उपराज्यपाल तरनजीत संधू ने कॉलोनी के रिड्यूस-रीयूज-रीसायकल (आरआरआर) सेंटर, विकेंद्रीकृत एरोबिक कंपोस्टिंग यूनिट, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण व्यवस्था तथा वर्षा जल संचयन प्रणाली का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह मॉडल दिखाता है कि सामूहिक नागरिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी के माध्यम से स्वच्छ, हरित और टिकाऊ शहरी वातावरण तैयार किया जा सकता है।
उपराज्यपाल ने नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) को निर्देश दिए कि वह अन्य रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) को भी इस आत्मनिर्भर मॉडल को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करे। उन्होंने विशेष रूप से अनधिकृत और निम्न आय वर्ग (एलआईजी) की कॉलोनियों में ऐसे विकेंद्रीकृत कचरा प्रबंधन एवं कंपोस्टिंग प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की संभावनाएं तलाशने को कहा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों में एरोबिन और आरआरआर सेंटर जैसी आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड का व्यवस्थित उपयोग किया जाए।
विश्वस्तरीय दिल्ली निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान : एलजी
उपराज्यपाल ने कहा कि टिकाऊ कचरा प्रबंधन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और जिम्मेदारी की भावना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की यात्रा घर से ही शुरू होती है और प्रत्येक परिवार को स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने नवजीवन विहार आरडब्ल्यूए और स्थानीय निवासियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समुदाय के सक्रिय नेतृत्व में यह मॉडल पिछले लगभग आठ वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।
इस अवधि में कॉलोनी ने 10 लाख किलोग्राम से अधिक कचरे को दिल्ली के पहले से ही बोझिल लैंडफिल स्थलों तक पहुंचने से रोका है। उपराज्यपाल ने कहा कि ऐसे सामूहिक प्रयासों को संस्थागत सहयोग और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उन्होंने सभी हितधारकों से संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के निर्वहन और विकसित, समावेशी तथा विश्वस्तरीय दिल्ली के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
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