मानसून से पहले जलजनित रोगों पर लगाया जाएगा ब्रेक, ‘स्टॉप डायरिया अभियान 2026’ शुरू

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Delhi : दिल्ली के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में ‘स्टॉप डायरिया अभियान 2026’ का शुभारंभ किया। 31 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के तहत बच्चों और उनके अभिभावकों को मुफ्त ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां वितरित की जाएंगी। अभियान का उद्देश्य डायरिया से होने वाली रोकी जा सकने वाली बीमारियों और बच्चों की मौतों को रोकना है। इस अवसर पर डॉ. सिंह ने सरदार वल्लभभाई पटेल (एसवीबीपी) अस्पताल में स्थापित मॉडल इंटीग्रेटेड न्यूट्रिशन सेंटर का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। साथ ही गर्भकालीन मधुमेह (जीडीएम) और गर्भावस्था एवं…

Delhi : दिल्ली के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में ‘स्टॉप डायरिया अभियान 2026’ का शुभारंभ किया। 31 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के तहत बच्चों और उनके अभिभावकों को मुफ्त ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां वितरित की जाएंगी।

अभियान का उद्देश्य डायरिया से होने वाली रोकी जा सकने वाली बीमारियों और बच्चों की मौतों को रोकना है। इस अवसर पर डॉ. सिंह ने सरदार वल्लभभाई पटेल (एसवीबीपी) अस्पताल में स्थापित मॉडल इंटीग्रेटेड न्यूट्रिशन सेंटर का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। साथ ही गर्भकालीन मधुमेह (जीडीएम) और गर्भावस्था एवं प्रसवोत्तर सेप्सिस के प्रबंधन के लिए साक्ष्य-आधारित एसओपी तथा क्लिनिकल एल्गोरिद्म जारी किए गए।

उन्होंने कहा कि इन दिशा-निर्देशों से डॉक्टरों, नर्सों और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों को उच्च जोखिम वाली स्थितियों की समय पर पहचान और प्रभावी उपचार में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान डायरिया और जलजनित रोगों के मामले बढ़ जाते हैं, इसलिए स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, साफ-सफाई तथा ओआरएस और जिंक के समय पर उपयोग को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी है।

उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सामुदायिक स्वयंसेवकों से प्रत्येक परिवार तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाने की अपील की। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि एसवीबीपी अस्पताल का नया पोषण केंद्र आधुनिक चिकित्सा, आयुष, होम्योपैथी, यूनानी और योग जैसी विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों को एक मंच पर लाकर समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के प्रत्येक जिले में कम-से-कम एक ऐसा केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सरकार सुरक्षित प्रसव, नवजात शिशु देखभाल, टीकाकरण, पोषण और समय पर उपचार पर विशेष ध्यान दे रही है तथा जनभागीदारी के माध्यम से शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर तक लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

अभिभवकों को ओआरएस के पैकेट व जिंक की दीं गोलियां

स्वास्थ्य मंत्री ने बच्चों और उनके अभिभावकों को ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां भी वितरित कीं तथा डायरिया के समय पर उपचार और बाल मृत्यु दर की रोकथाम के महत्व पर बल दिया। इस अवसर पर निदेशक, परिवार कल्याण, डॉ. ए. जी. राधिका, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं (डीजीएचएस), स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं चिकित्सक भी उपस्थित रहे।

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