CM रेखा गुप्ता का अहम फैसला, नजफगढ़ ड्रेन के दोनों किनारों पर बनेगी 61 KM रोड, 453.95 करोड़ की योजना से गांव-शहर की घटेगी दूरी

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Delhi News: दिल्ली सरकार ने राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और ग्रामीण इलाकों को शहर से जोड़ने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई वित्त व्यय समिति की बैठक में नजफगढ़ नाले के दोनों किनारों पर दो लेन की सड़क बनाने की परियोजना को मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए करीब 453.95 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देगी। Delhi News: परियोजना का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना…

Delhi News: दिल्ली सरकार ने राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और ग्रामीण इलाकों को शहर से जोड़ने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई वित्त व्यय समिति की बैठक में नजफगढ़ नाले के दोनों किनारों पर दो लेन की सड़क बनाने की परियोजना को मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए करीब 453.95 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देगी।

Delhi News: परियोजना का मुख्य उद्देश्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना का मकसद राजधानी की प्रमुख सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना है। नई सड़क बनने से लोगों का सफर आसान होगा, यात्रा का समय घटेगा और ईंधन की बचत होगी। साथ ही, वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी। यह कॉरिडोर एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने के लिए लोगों को लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इससे दिल्ली की परिवहन प्रणाली अधिक सुव्यवस्थित और सुगम बनेगी।

CM Rekha Gupta: कहां बनेगी सड़क और कितनी होगी लंबाई

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परियोजना के तहत झटीकरा पुल से छावला पुल तक नाले के बाएं किनारे पर लगभग 5.94 किलोमीटर लंबी दो लेन की सड़क बनाई जाएगी। इसके बाद छावला से बासईदारापुर तक दोनों किनारों पर करीब 27.415 किलोमीटर लंबी सड़कें विकसित की जाएंगी। दोनों ओर मिलाकर कुल लंबाई लगभग 54.83 किलोमीटर होगी, जबकि पूरे कॉरिडोर की विकसित लंबाई लगभग 60.77 किलोमीटर तक पहुंचेगी। सड़क की चौड़ाई करीब 7 मीटर रखी जाएगी, ताकि यातायात सुचारु रूप से चल सके।

प्रमुख सड़कों से बेहतर कनेक्टिविटी

यह नया कॉरिडोर दिल्ली की कई महत्वपूर्ण सड़कों से जुड़ेगा। इसमें आउटर रिंग रोड, इनर रिंग रोड, शिवाजी मार्ग, पंखा रोड, नजफगढ़ रोड और यूईआर-II जैसे मार्ग शामिल हैं।

बासईदारापुर में यह इनर रिंग रोड से जुड़ेगा, केशोपुर में आउटर रिंग रोड से संपर्क होगा, विकासपुरी में पंखा रोड से कनेक्शन मिलेगा, जबकि काकरोला में नजफगढ़ रोड से जुड़ाव होगा। धूलसिरास क्षेत्र में यूईआर-II से संपर्क स्थापित किया जाएगा, जिससे आईजीआई हवाई अड्डे और द्वारका एक्सप्रेसवे तक सीधी पहुंच संभव होगी।

किन-किन क्षेत्रों को होगा लाभ

यह परियोजना धंसा से बासईदारापुर तक ग्रामीण और शहरी इलाकों को जोड़ेगी। इससे उत्तम नगर, विकासपुरी, नजफगढ़, बिजवासन, छावला, गोयला डेयरी, द्वारका, बापरोला, निलोठी, पश्चिम विहार, राजौरी गार्डन और आईजीआई एयरपोर्ट जैसे क्षेत्रों को फायदा मिलेगा।

इसके अलावा, हरियाणा के गुरुग्राम के सेक्टर 104 और 110 से भी कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे दिल्ली और हरियाणा के बीच आवागमन आसान होगा। द्वारका एक्सप्रेसवे से जुड़े कई गांव जैसे गालिबपुर, रावता मोड़, दौराला, झुलझुली, सारंगपुर, ढांसा, घुम्मनहेड़ा, शिकारपुर, झटीकरा, कांगनहेड़ी और छावला को भी इस सड़क का लाभ मिलेगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा कॉरिडोर

सड़क निर्माण के साथ-साथ पैदल चलने वालों और साइकिल चालकों के लिए अलग ट्रैक बनाए जाएंगे। जॉगिंग ट्रैक भी विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोग स्वास्थ्य के लिए इसका उपयोग कर सकें। द्वारका मेट्रो डिपो के पास एक नया पुल बनाया जाएगा, जिससे यातायात और अधिक सुगम होगा। कॉरिडोर के किनारे हरियाली बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जहां जरूरत होगी वहां नई चारदीवारी बनाई जाएगी और टूटी दीवारों की मरम्मत की जाएगी। मानसून में जलभराव रोकने के लिए उचित जल निकासी व्यवस्था की जाएगी। साथ ही स्ट्रीट लाइट और साइनबोर्ड भी लगाए जाएंगे।

परियोजना की समयसीमा

परियोजना को तकनीकी समिति और बाढ़ नियंत्रण बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है। अब प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक सभी आवश्यक स्वीकृतियां मिल जाएं। अप्रैल 2026 तक निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और मई 2026 से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। नवंबर 2027 तक परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

टिकाऊ और हरित विकास की दिशा में कदम

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना दिल्ली में एक हरित और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की ओर महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल ट्रैफिक समस्या कम होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच संतुलित विकास को मजबूत करेगी और राजधानी को अधिक संगठित एवं आधुनिक बनाएगी।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।