दिल्ली में पार्किंग संकट से राहत की तैयारी, 5 जगहों पर मल्टीलेवल कार पार्किंग के लिए ई-नीलामी

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Delhi Parking Solution: राजधानी में लगातार बढ़ती पार्किंग समस्या और ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने बड़ा कदम उठाया है। डीडीए ने कड़कड़डूमा, ओखला इंडस्ट्रियल एरिया फेज-I, दिलशाद गार्डन, द्वारका और सैनी एन्क्लेव जैसे व्यस्त इलाकों में मल्टीलेवल कार पार्किंग (एमएलसीपी) विकसित करने के लिए पांच प्लॉटों की ई-नीलामी का ऐलान किया है। इस परियोजना के तहत कुल 1,261 वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित की जाएगी, जिससे सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग पर लगाम लगेगी और ट्रैफिक व्यवस्था अधिक सुचारू हो सकेगी। यह पहल न केवल लोगों को राहत देगी, बल्कि राजधानी में शहरी मोबिलिटी…

Delhi Parking Solution: राजधानी में लगातार बढ़ती पार्किंग समस्या और ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने बड़ा कदम उठाया है। डीडीए ने कड़कड़डूमा, ओखला इंडस्ट्रियल एरिया फेज-I, दिलशाद गार्डन, द्वारका और सैनी एन्क्लेव जैसे व्यस्त इलाकों में मल्टीलेवल कार पार्किंग (एमएलसीपी) विकसित करने के लिए पांच प्लॉटों की ई-नीलामी का ऐलान किया है। इस परियोजना के तहत कुल 1,261 वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित की जाएगी, जिससे सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग पर लगाम लगेगी और ट्रैफिक व्यवस्था अधिक सुचारू हो सकेगी। यह पहल न केवल लोगों को राहत देगी, बल्कि राजधानी में शहरी मोबिलिटी को भी नया आयाम देने में अहम साबित होगी।

लंबे समय से पार्किंग और ट्रैफिक की समस्या बनी हुई

डीडीए की यह परियोजनाएं व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाकों में विकसित की जाएंगी, जहां लंबे समय से पार्किंग और ट्रैफिक की समस्या बनी हुई है। इसके तहत मल्टीलेवल पार्किंग प्रोजेक्ट्स में कुल 1,261 गाड़ियों के लिए जगह तैयार की जाएगी। इसमें कड़कड़डूमा में 248, ओखला इंडस्ट्रियल एरिया फेज-I में 362, दिलशाद गार्डन में 232, द्वारका में 134 और सैनी एन्क्लेव में 285 पार्किंग स्पेस शामिल हैं। करीब 11 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्र में फैला ये प्रोजेक्ट न सिर्फ सड़क किनारे होने वाली अव्यवस्थित पार्किंग को कम करेगा, बल्कि ट्रैफिक को भी ज्यादा सुचारू बनाने में मदद करेगा। अधिकारियों के अनुसार, इन सभी परियोजनाओं को अगले तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि कड़कड़डूमा में बनने वाली पार्किंग को आसपास के हाई-राइज विकास से जोड़ा जाएगा, जिससे पूरा इलाका एक आधुनिक और बेहतर तरीके से विकसित अर्बन हब बन सके। वहीं, द्वारका में प्रस्तावित एमएलसीपी वहां के मौजूदा ट्रांसपोर्ट और सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।

पार्किंग में कमर्शियल स्पेस भी रहेगा शामिल

इन मल्टीलेवल कार पार्किंग प्रोजेक्ट्स को सिर्फ पार्किंग तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए इनमें सीमित कमर्शियल स्पेस भी जोड़ा गया है। यह व्यावसायिक हिस्सा मास्टर प्लान दिल्ली-2021 के नियमों के तहत विकसित किया जाएगा, जहां सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति होगी। इसके अलावा निवेशकों को आकर्षित करने के लिए पार्किंग और कमर्शियल हिस्से के लिए अलग-अलग प्राइसिंग मॉडल भी तैयार किया गया है, ताकि प्रोजेक्ट्स ज्यादा व्यवहार्य और लाभकारी बन सकें।

भीकाजी कामा प्लेस में भी जल्द शुरू होगी नई पार्किंग

डीडीए पहले भी आधुनिक पार्किंग सुविधाओं पर काम कर चुका है। हाल ही में नेहरू प्लेस में एक अत्याधुनिक मल्टीलेवल कार पार्किंग शुरू की गई है, जिसमें 660 कारों और 350 से अधिक दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा है। इसमें दिव्यांग जनों और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए निर्धारित जगहें भी शामिल हैं। इसके अलावा भीकाजी कामा प्लेस में भी जल्द ही नई मल्टीलेवल कार पार्किंग शुरू होने जा रही है। माना जा रहा है कि इन पहलों से आने वाले समय में दिल्ली में पार्किंग की समस्या काफी हद तक कम होगी और ट्रैफिक व्यवस्था भी बेहतर होगी।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।