दिल्ली पुलिस ने रविवार को प्रवासी कामगारों को आनंद विहार बस अड्डे नहीं पहुंचने दिया। पुलिस ने बस अड्डे से पहले ही बैरिकेड लगाकर रास्ता रोक दिया और किसी को भी आगे नहीं बढ़ने दिया। इससे एक दिन पहले हजारों प्रवासी कामगार अपने गांव वापस जाने के लिए दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित आनंद विहार बस अड्डे पहुंच गए थे। कई लोग उत्तर प्रदेश में अपने गृहनगर जाने के लिए आनंद विहार में रेल की पटरियों पर चलने की कोशिश करते हुए भी देखे गए।
कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन घोषित होने के बाद, सभी तरह की कारोबारी और आर्थिक गतिविधियां थम गई हैं। इस वजह से प्रवासी कामगारों के पास कोई काम नहीं है। उनमें से अधिकतर लोग हर दिन कमा के अपना गुजर बसर करते हैं। बिना काम के उनके लिए घर का किराया देना, खाने-पीने की चीजें खरीदना, बहुत मुश्किल हो जाएगा। यह सोचकर प्रवासी मजदूर अपने घर जाने निकले ।
शनिवार को दिल्ली, हरियाणा और यहां तक कि पंजाब के हजारों दिहाड़ी मजदूर आनंद विहार, गाजीपुर और गाजियाबाद के लाल कुआं क्षेत्रों में पहुंच गए। वे अपने-अपने गृह नगरों के लिए बसें पकड़ना चाहते थे। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 10-15 हजार लोग शनिवार को आनंद विहार में जमा हो गए थे। करीब 60-70 बसें जितने यात्रियों को ले जा सकती थीं, उतनों को ले गईं। आधी रात तक करीब 500 और बसों को प्रवासी कामगारों को ले जाने के लिए दिल्ली पहुंचना था।
दिल्ली सीमा पर हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के लोगों का भी है जमावड़ा : मनीष सिसोदिया
रविवार सुबह तक इलाके से सभी लोगों को हटा दिया गया और दिल्ली पुलिस किसी को भी आनंद विहार बस अड्डे जाने की इजाजत नहीं दे रही थी। पुलिस ने बस अड्डे से करीब 500 मीटर की दूरी पर बैरिकेड लगा दिए और बस अड्डा परिसर में प्रवेश करने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया है। बता दें कि देश में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या बढ़कर लगभग 1000 हो गई है वहीं इस घातक बीमारी से मरने वालों की संख्या 25 हो गई है।


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