Delhi Public Transport Transformation: दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह महिला हितैषी और विश्वस्तरीय बनाएंगे, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

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Delhi Public Transport Transformation: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में राजधानी की महिलाओं के लिए सुरक्षित, आधुनिक और बाधा-मुक्त सार्वजनिक परिवहन सुनिश्चित करने की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। दिल्ली सरकार और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की महत्वाकांक्षी ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ योजना के तहत अब तक 8 लाख से अधिक स्मार्ट कार्ड जारी किए जा चुके हैं। यह उपलब्धि न केवल योजना की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है, बल्कि दिल्ली की महिलाओं के सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर बढ़ते विश्वास और उनकी सक्रिय भागीदारी का भी प्रतीक है। उन्होंने बताया कि पिंक कार्ड बनाने…

Delhi Public Transport Transformation: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में राजधानी की महिलाओं के लिए सुरक्षित, आधुनिक और बाधा-मुक्त सार्वजनिक परिवहन सुनिश्चित करने की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। दिल्ली सरकार और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की महत्वाकांक्षी ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ योजना के तहत अब तक 8 लाख से अधिक स्मार्ट कार्ड जारी किए जा चुके हैं। यह उपलब्धि न केवल योजना की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है, बल्कि दिल्ली की महिलाओं के सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर बढ़ते विश्वास और उनकी सक्रिय भागीदारी का भी प्रतीक है। उन्होंने बताया कि पिंक कार्ड बनाने के लिए विशेष कैंप भी लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।

पिंक पेपर टिकट और पिंक कार्ड दोनों मान्य

यह कार्ड भविष्य में डीटीसी के अलावा दिल्ली मेट्रो, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) और अन्य सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों में भी टॉप-अप के बाद इस्तेमाल किया जा सकेगा। 18 मई तक कुल 8,40,618 ‘पिंक सहेली एनसीएमसी स्मार्ट कार्ड’ जारी किए जा चुके हैं। फिलहाल पिंक पेपर टिकट और पिंक कार्ड दोनों मान्य हैं, लेकिन आने वाले समय में मुफ्त यात्रा सुविधा केवल पिंक स्मार्ट कार्ड के माध्यम से ही उपलब्ध होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही है। ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ केवल मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को सम्मानजनक, सुरक्षित और डिजिटल रूप से सशक्त यात्रा अनुभव प्रदान करने का माध्यम बन चुका है।

सरकारी कार्यलयों में पिंक कार्ड को लेकर लगातार लगाए जा रहे हैं कैंपः सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह महिला हितैषी, स्मार्ट और विश्वस्तरीय बनाना है। डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक तकनीक के माध्यम से सरकार परिवहन सेवाओं को अधिक पारदर्शी, कुशल और सुरक्षित बना रही है। यही विकसित और सशक्त दिल्ली की पहचान है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिंक कार्ड को तेजी से बनाने के लिए सरकार ने अभियान चला रखा है। पूरी दिल्ली की विभिन्न रिहायशी कॉलोनियों से लेकर सरकारी कार्यालयों में पिंक कार्ड को लेकर लगातार कैंप लगाए जा रहे हैं। इन कैंपों में महिलाओं का आसानी से पिंक कार्ड बन रहा है। चूंकि सारा मामला ऑनलाइन है, इसलिए दिल्ली की महिलाओं को कार्ड बनाने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। ये कैंप पूरी दिल्ली में लगातार लगते रहेंगे।

महिलाओं को प्रतिमाह लगभग 1200 से 2400 रुपए तक की हो रही बचत

यह योजना 5 वर्ष से अधिक आयु की दिल्ली की सभी महिलाओं और ट्रांसजेंडर निवासियों के लिए उपलब्ध है। योजना के माध्यम से महिलाओं का आर्थिक बोझ कम हुआ है और सार्वजनिक बसों में उनकी भागीदारी बढ़ने से यात्रा वातावरण अधिक सुरक्षित और सहज बना है। विशेषज्ञों के अनुसार इस सुविधा से महिलाओं को प्रतिमाह लगभग 1,200 से 2,400 रुपये तक की बचत हो रही है, जिससे परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में इस योजना का दायरा और प्रभाव दोनों और अधिक बढ़ेंगे।

लगातार बनाए जा रहे हैं ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’

डीटीसी द्वारा महिलाओं की मुफ्त यात्रा सुविधा को स्मार्ट और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से 2 मार्च से ‘पिंक सहेली एनसीएमसी स्मार्ट कार्ड’ निःशुल्क जारी किए जा रहे हैं। ‘वन नेशन, वन कार्ड’ पहल के तहत शुरू किया गया यह जीरो केवाईसी कार्ड मोबाइल नंबर से लिंक और आधार वेरिफिकेशन के बाद तेजी से जारी किया जा रहा है। वर्तमान में 36 डीटीसी पास सेक्शन, 17 डीएम और एसडीएम कार्यालयों और 20 विशेष कैंपों सहित कुल 73 केंद्रों के माध्यम से कार्ड वितरित किए जा रहे हैं। आवश्यकता के अनुसार इन्हें विभिन्न क्षेत्रों में भी लगाया जा रहा है।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।