दिल्ली में बिना पीयूसी सर्टिफिकेट पेट्रोल-डीजल पर पाबंदी, 15 हजार से अधिक वाहनों को पंपों से लौटाया गया, सरकार की सख्ती बरकरार

Summary :

Delhi PUC Fuel Ban 2026: दिल्ली में बिना पीयूसी सर्टिफिकेट के गाड़ियों को पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल नहीं दिए जाने के आदेश ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ का सख्ती से पालन हो रहा है। अ‌धिकारियों की सख्ती व कड़ी निगरानी के चलते बीते चार दिनों (26 अप्रैल से 29 अप्रैल) के भीतर ही करीब 15 हजार गाड़ियों को वैध ‘प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र’ (पीयूसी) सर्टिफिकेट न होने के चलते फ्यूल नहीं दिया गया है। दिल्ली सरकार प्रदूषण के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है और ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ भी इसी दिशा में एक अहम कदम है। बीते चार दिनों में इतनी…

Delhi PUC Fuel Ban 2026: दिल्ली में बिना पीयूसी सर्टिफिकेट के गाड़ियों को पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल नहीं दिए जाने के आदेश ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ का सख्ती से पालन हो रहा है। अ‌धिकारियों की सख्ती व कड़ी निगरानी के चलते बीते चार दिनों (26 अप्रैल से 29 अप्रैल) के भीतर ही करीब 15 हजार गाड़ियों को वैध ‘प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र’ (पीयूसी) सर्टिफिकेट न होने के चलते फ्यूल नहीं दिया गया है। दिल्ली सरकार प्रदूषण के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है और ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ भी इसी दिशा में एक अहम कदम है। बीते चार दिनों में इतनी भारी संख्या में वाहनों को फ्यूल न दिया जाना इस बात की ओर साफ इशारा करता है कि जमीनी स्तर पर भी आदेश का सख्ती से पालन करवाया जा रहा है। गत 22 अप्रैल को दिल्ली सरकार की ओर से दोहराया गया था कि वैध प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाण पत्र के बिना वाहनों को दिल्ली में फ्यूल नहीं दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ संकेत दिया

अक्टूबर 2025 में इस प्रावधान को लाया गया था लेकिन तब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ संकेत दिया था कि अप्रैल 2026 से इसे सख्ती से जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि ‘बड़ी संख्या में ऐसे वाहनों को फ्यूल देने से रोका जा रहा है जिनके पास वैध पीयूसी नहीं है। चार दिनों के भीतर ही करीब 15 हजार ऐसे वाहनों को फ्यूल नहीं दिया गया है। आपको बता दें कि सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट, 1989 के नियम 115 (उप-नियम 7) के अंतर्गत वाहन के रजिस्ट्रेशन के साल बीते जाने के बाद वाहन मालिक को वैध पीयूसी सर्टिफिकेट रखना अनिवार्य है। इसके साथ ही नियम में यह भी प्रावधान है कि वाहन मालिक से जब भी पीयूसी दिखाने के लिए कहा जाए तो वह उसे दिखाने के लिए बाध्य भी है। ऐसे में आप भी फ्यूल भरवाने पंप जा रहे हैं तो यह जरूर चेक करें लें कि आपके पास जो पीयूसी है वह वैध है भी या नहीं।

दिन के अनुसार ईंधन नहीं मिलने वाले वाहनों का डेटा

डेटा पर नजर डालने पर पता चलता है कि 26 अप्रैल को बिना वैध पीयूसी वाले , 3,525 वाहन, 27 अप्रैल को 4,012 वाहन, 28 अप्रैल के दिन 4,235 वाहन और 29 अप्रैल को 3,906 वाहनों को फ्यूल नहीं दिया गया। इस तरह चार दिनों के भीतर कुल 15,678 वाहनों को पेट्रोल पंप और गैस स्टेशन से खाली लौटना पड़ा जो कि जो दिल्ली के नौ डिपो और नोएडा के एक डिपो में वैध पीयूसी के बिना पाए गए वाहनों की संख्या के बराबर है।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।