दिल्ली चिड़ियाघर में लापरवाही की हद, पटना से लाई गई मादा भेड़िया की मौत, क्वारंटाइन प्रोटोकॉल पर उठे गंभीर सवाल

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Delhi Zoo Animal Death: दिल्ली चिड़ियाघर में एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत पटना चिड़ियाघर से लाई गई एक मादा भेड़िया की मौत हो गई है। इसने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, भेड़िया को लाते समय उसके पिछले पैर में फ्रैक्चर हो गया था, जिसके बाद उसे पशु चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया, लेकिन कुछ ही दिनों में उसकी मौत हो गई। मामले में सबसे बड़ा सवाल क्वारंटाइन प्रोटोकॉल को लेकर उठ रहा है। नियमों के अनुसार, किसी भी नए जानवर को लाने के बाद उसकी सेहत, तनाव और नए माहौल में…

Delhi Zoo Animal Death: दिल्ली चिड़ियाघर में एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत पटना चिड़ियाघर से लाई गई एक मादा भेड़िया की मौत हो गई है। इसने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, भेड़िया को लाते समय उसके पिछले पैर में फ्रैक्चर हो गया था, जिसके बाद उसे पशु चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया, लेकिन कुछ ही दिनों में उसकी मौत हो गई। मामले में सबसे बड़ा सवाल क्वारंटाइन प्रोटोकॉल को लेकर उठ रहा है। नियमों के अनुसार, किसी भी नए जानवर को लाने के बाद उसकी सेहत, तनाव और नए माहौल में ढलने की प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी जरूरी होती है। ऐसे में यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या मानक क्वारंटाइन प्रोटोकॉल का पालन किया गया था। जानकारी के अनुसार, इस एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत पटना से कुल चार भेड़ियों को दिल्ली लाया गया था। हालांकि, इस मामले में चिड़ियाघर के निदेशक संजीत कुमार से बात करने की कोशिश की लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।

पहले भी हो चुकी हैं कई संदिग्ध मौतें

दिल्ली चिड़ियाघर में पिछले कुछ महीनों में जानवरों की मौतों का सिलसिला चिंता बढ़ा रहा है। जनवरी में चार चौसिंगा (चार सींग वाले हिरण) की मौत हुई थी। इसके बाद बाद में आईवीआरआई की टॉक्सीकोलॉजी रिपोर्ट में उनके नमूनों में फास्फीन के अंश पाए गए थे। उसी समय, एक सियार की मौत हो गई थी, जो हिमालयी काले भालू के बाड़े में घुस गया था। इसके अलावा, एक मादा संगाई हिरण और एक मादा मृग की भी मौत हो गई, जबकि एक नर संगाई हिरण ने बाद में पिछले पैर की चोट का इलाज चलने के दौरान दम तोड़ दिया। लगातार हो रही इन घटनाओं ने चिड़ियाघर प्रबंधन की व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।