नई दिल्ली : शिरोमणी अकाली दल ने ककार धारण किए सिख बच्चों को परीक्षा में न बैठने देने के विरोध में सोमवार को दिल्ली अधीनस्थ सेवा परीक्षा बोर्ड (डीएसएसएसबी) के कार्यालय के बाहर अपना रोष प्रकट किया। वहीं दूसरी तरफ जागो पार्टी ने धार्मिक भेदभाव की कथित दोषी डीएसएसएसबी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया, सिखों ने रोजगार पोर्टल चलाने वाले रोजगार निदेशालय के दफ्तर पर बोर्ड लगाया कि सिखों को नौकरी का अधिकार नहीं है। ज्ञात हो कि गत दिनों एक सिख छात्रा व नौजवान को डीएसएसएसबी की परीक्षा में बैठने से इसलिए रोक दिया क्योंकि उन्होंने सिख ककार पहने हुए थी।
धरने को संबांधित करते हुए दिल्ली कमेटी अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद सिख बच्चों के साथ अन्याय कर रही है। जबकि पूरी दुनिया में गुरु नानक देव के 550वां प्रकाश पर्व मना रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंदर केजरीवाल, शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया और डीएसएसएसबी के चेयरमैन द्वारा जान-बुझकर सिखों का भविष्य खराब किया जा रहा है। वहीं हरमीत सिंह कालका ने ऐलान किया कि अगर सिख बच्चों को परीक्षा केन्द्रों में जाने से रोका गया तो फिर वह किसी भी बच्चे को परीक्षा में बैठने नहीं देंगे।
जागो पार्टी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने रोजगार निदेशालय, पूसा पर सिखों को सरकारी नौकरी का अधिकार नहीं का बोर्ड लगाते हुए साफ कहा कि हम मजबूर नहीं है, लेकिन अफसरशाही को जगाने को यह हमारी ‘जागोगिरी” है। जहां भी सिखों के साथ अन्याय होगा, वहां जागो पार्टी शांतिपूर्ण तरीके से अन्याय के आरोपियों को ऐसे ही जगाएगी। हमारा मकसद अपनी बात को सोई हुई सरकार तक पहुंचाने का है।


Download Android App
Download iOS App



