Delhi University : दिल्ली विश्वविद्यालय के देशबंधु कॉलेज के 75वां स्थापना दिवस समारोह मनाया। इस अवसर पर कॉलेज की 75 वर्षों की शैक्षिक उपलब्धियों, बौद्धिक विकास और समाज के प्रति योगदान को याद करते हुए उत्कृष्ट शिक्षा और समग्र विकास के संकल्प को दोहराया गया। समारोह की शुरुआत सरस्वती वंदना और दिल्ली विश्वविद्यालय कुलगीत से हुई, जिसकी प्रस्तुति कॉलेज की संगीत संस्था टिम्ब्रे ने दी। इसके बाद कॉलेज की फिल्म निर्माण संस्था ओक्युलस और फोटोग्राफी संस्था शार्प शूटर्स द्वारा तैयार डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई, जिसमें 1952 में स्वतंत्रता सेनानी लाला देशबंधु गुप्ता की स्मृति में स्थापित कॉलेज की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा और उपलब्धियों को दर्शाया गया।
वहीं, अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. राजेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि पूर्व छात्रों और संस्थान के बीच भावनात्मक संबंध इसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने एनआईआरएफ रैंकिंग में देशबंधु कॉलेज के 13वें स्थान के लिए संस्थान के लिए नई उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह उत्कृष्टता की नई शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों से मिलकर कॉलेज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया। पूर्व छात्र विशिष्ट अतिथि आलोक कुमार और पूर्व छात्रा प्रो. तपस्या श्रीवास्तव ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियां साझा करते हुए कॉलेज के शैक्षणिक वातावरण और शिक्षकों के योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा कि इसी माहौल ने उनके व्यक्तित्व और करियर को दिशा दी तथा कॉलेज की 75 वर्ष की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने में सभी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आईपीएस सत्येंद्र गर्ग ने विद्यार्थियों, विशेषकर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तैयारी कर रहे युवाओं को अनुशासन, ईमानदारी और दृढ़ संकल्प के साथ लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। वहीं डॉ. बलराम पानी ने समाज निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित किया, जबकि संतोष कुमार तनेजा ने विद्यार्थियों से स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। समारोह में शिक्षाविदों, पूर्व छात्रों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया।



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