32 साल से मजदूर बनकर दोहरे हत्याकांड छिपा था आरोपी, गिरफ्तार

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Delhi Police Crime Branch Action : दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 32 साल पुराने दोहरे हत्याकांड और डकैती के मामले में फरार चल रहे आरोपी ललित (48) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पूर्वी दिल्ली के एक आध्यात्मिक आश्रम में दो साध्वियों की हत्या और लूटपाट में शामिल होने का आरोप है। वारदात के बाद से वह लगातार पहचान और काम बदलकर पुलिस से बचता रहा। आखिरकार क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज की टीम ने उसे मंगोलपुरी फेज-2 से दबोच लिया। स्पेशल सीपी एचजीएस धालीवाल के मार्गदर्शन में डीसीपी हर्ष इंदौरा की देखरेख में एसीपी सतेंद्र मोहन और इंस्पेक्टर…

Delhi Police Crime Branch Action : दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 32 साल पुराने दोहरे हत्याकांड और डकैती के मामले में फरार चल रहे आरोपी ललित (48) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पूर्वी दिल्ली के एक आध्यात्मिक आश्रम में दो साध्वियों की हत्या और लूटपाट में शामिल होने का आरोप है। वारदात के बाद से वह लगातार पहचान और काम बदलकर पुलिस से बचता रहा। आखिरकार क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज की टीम ने उसे मंगोलपुरी फेज-2 से दबोच लिया। स्पेशल सीपी एचजीएस धालीवाल के मार्गदर्शन में डीसीपी हर्ष इंदौरा की देखरेख में एसीपी सतेंद्र मोहन और इंस्पेक्टर विनय कुमार के नेतृत्व की टीम ने कार्रवाई की है।

पुलिस के मुताबिक, शकरपुर थाने में वर्ष 1994 में एफआईआर के तहत हत्या और डकैती का मामला दर्ज हुआ था। आश्रम में रहने वाली दो साध्वियों की कथित तौर पर गला दबाकर हत्या की गई थी। आरोपियों ने आश्रम से नकदी, जेवर और अन्य सामान लूटा था। पुलिस के अनुसार, ललित भी वारदात में शामिल था और उसने कथित तौर पर साध्वियों का गला दबाने में भूमिका निभाई थी। लूट के बाद उसे नकदी और जेवर का हिस्सा मिला था।

इस मामले में सुनील कुमार, दिलीप राम और सुशील को पहले गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि ललित फरार हो गया। 26 अक्टूबर 1995 को अदालत ने उसे घोषित भगोड़ा घोषित कर दिया था। पुलिस ने आरोपी के बारे में जानकारी जुटाकर मंगोलपुरी फेज-2 में निगरानी शुरू की।

फैक्टरी में मजदूर के तौर पर करता था काम

पता चला कि वह एक फैक्टरी में पैकेजिंग मजदूर के तौर पर काम कर रहा है। पुलिस ने पहचान की पुष्टि की और आधार कार्ड के जरिए उसका नाम ललित होने की पुष्टि होने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।व पुलिस के अनुसार, ललित मूल रूप से समस्तीपुर, बिहार का रहने वाला है और आठवीं तक पढ़ा है। वारदात के बाद वह वर्ष 2000 तक बिहार में अलग-अलग जगहों पर काम करता रहा। इसके बाद दिल्ली आ गया और अलग-अलग फैक्ट्रियों में पैकेजिंग मजदूर के रूप में काम करता रहा। इस दौरान उसने अपनी पुरानी पहचान छिपाकर रखी। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।

Sumant Chaudhary