ऋषिकेश : ऋषिकेश तीर्थनगरी को अतिक्रमण मुक्त बनाए जाने को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर न्यायालय द्वारा सुनाए गए फैसले को अमल में लाने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। जो कि न्यायालय के फैसले के अमल में छोटे से लेकर बड़े लोगों को भी छोड़ने के मूड में नजर नहीं आ रहा है । जिसके अंतर्गत राजकीय चिकित्सालय हैं, नगर निगम व ऋषिकेश की कोतवाली सभी को विभागीय नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
ज्ञात रहे की ऋषिकेश के समाजसेवी तथा आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गुप्ता द्वारा नैनीताल हाईकोर्ट में लगाई गई जनहित याचिका के 8 वर्ष बाद की गई सुनवाई के चलते नगर पालिका पीडबल्यूडी राष्ट्रीय राजमार्ग तथा हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण द्वारा किए गए 1127 अतिक्रमणकारियों के चिन्हीकरण के बाद उन्हें हटाए जाने के फरमान जारी किए गए, जिसे लेकर प्रशासन ने आवासीय कॉलोनियों में किए जा रहे व्यवसाई अतिक्रमणों को सील किए जाने की कार्यवाही भी प्रारंभ कर दी, यहां तक कि 1127 अतिक्रमणों के अतिरिक्त 8 साल के भीतर हुए नए अतिक्रमणकारियों को भी चिन्हित कर उन्हें नोटिस थमाए जा रहे हैं।
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जिसके कारण हरिपुर कला से लेकर तपोवन तक तमाम अतिक्रमणकारी दुकानदारों में हड़कंप मचा है, जिसमें 3 दर्जन से अधिक मंदिरों व धार्मिक स्थलों को भी हटाए जाने के नोटिस दिए गए हैं। यहां तक की अतिक्रमणकारियों में दुकानदारों से लेकर आलीशान मकान, होटल मालिकों को भी लपेटे में लिया गया है।


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