राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति मामले से जुड़े मनी लांड्रिंग के मामले में गिरफ्तार दिनेश अरोड़ा को सोमवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छह दिन की हिरासत की अवधि समाप्त होने पर अरोड़ा को राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश एम.के. नागपाल के समक्ष पेश किया गया। अरोड़ा ने अपनी पत्नी के खराब स्वास्थ्य के आधार पर अंतरिम जमानत याचिका दायर की और एक अलग जेल की मांग करते हुए कहा कि उन्हें उस लॉकअप में भेजा जाए जहां इस मामले के अन्य आरोपी नहीं हैं।
न्यायाधीश नागपाल ने अरोड़ा की जमानत याचिका पर 25 जुलाई को सुनवाई तय की और जेल अधिकारियों को उन्हें एक अलग जेल में रखने का निर्देश दिया। इससे पहले जांच एजेंसी ने कहा था कि मामले से जुड़ी व्यापक साजिश का पर्दाफाश करने के लिए अरोड़ा से पूछताछ जरूरी है। ईडी ने पहले अदालत को बताया था कि उनकी हिरासत के दौरान, नकदी के भुगतान हस्तांतरण और अपराध की आय के संबंध में शामिल कुछ व्यक्तियों और दस्तावेजों से उनका आमना-सामना कराया गया था।
ईडी के अनुसार, अरोड़ा ने कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों और अपराध से प्राप्त धन प्राप्त करने वाले लोगों के नामों का भी खुलासा किया। ईडी ने कहा था कि उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर दिल्ली और एनसीआर में तलाशी ली जा रही है, जिससे आपत्तिजनक सामग्री बरामद होगी। ईडी ने 6 जून को अरोड़ा को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी ने अपनी पिछली चार्जशीट में दावा किया था कि अरोड़ा ने दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी फंड इकट्ठा करने के लिए सिसोदिया को 82 लाख रुपये दिए थे।
सीबीआई ने एक विशेष अदालत के समक्ष याचिका दायर कर मामले में उन्हें सरकारी गवाह बनाने की अनुमति मांगी थी। अरोड़ा को सीबीआई में दर्ज दिल्ली आबकारी मामले में अभियोजन पक्ष का गवाह घोषित किया गया है। ऑरबिंदो ग्रुप के शरथ चंद्र रेड्डी 1 जून को ईडी मामले में सरकारी गवाह बन गए। इस मामले में जांच एजेंसी ने पहले उनके खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। ईडी ने पूरक आरोप पत्र में दावा किया था कि आप के नेताओं की ओर से विजय नायर को साउथ ग्रुप से 100 करोड़ रुपये की रिश्वत मिली। कंपनी के प्रमुख व्यक्ति मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी, राघव मगुंटा, सरथ रेड्डी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता हैं।


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