पूर्वी दिल्ली : नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ ने वेलकम इलाके में दिवाली की रात जहीर अहमद नामक शख्स की गोली मारकर हुई हत्या के मामले को सुलझाते हुए, चौंका देने वाला खुलासा किया है। आरोपी कोई और नहीं जहीर के जानकार ही थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सलमान खान (22) और कमरुद्दीन (31) के तौर पर हुई है। सलमान ने 20 हजार रुपए जहीर को उधार दिए थे। रकम न लौटाने पर आरोपी ने उसकी हत्या की। कमरुद्दीन इस्लाम नगर थाना, उत्तर-प्रदेश का हिस्ट्री शीटर है।
इन्हीं आरोपियों ने गत 21 अगस्त को ज्योति नगर थाने में कारोबारी को गोली मारकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों के पास से एक पिस्टल, चार कारतूस और पांच चोरी की बाइक बरामद हुईं हैं। इनकी गिरफ्तारी से पुलिस ने सात मामले सुलझाने का दावा किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। डीसीपी नॉर्थ-ईस्ट वेद प्रकाश सुर्या के मुताबिक, दिवाली की रात वेलकम पुलिस को एक युवक का शव वेलकम स्थित रविदास मंदिर के पास पार्क में पड़े होने की सूचना मिली थी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने एक युवक खून से लथपथ हालत में पड़ा पाया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शख्स की पहचान इस्लाम नगर निवासी जहीर के रूप में हुई। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की। साथ ही डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ को भी जांच में लगाया गया। इंस्पेक्टर स्पेशल स्टाफ विनय यादव के सुपरविजन में गठित टीम ने जेल से बेल पर बाहर आए आरोपियों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि डिस्ट्रिक्ट में वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी दुर्गापुरी, चौक के पास आने वाले हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
नाम बदलकर रह रहा था आरोपी… आरोपी कमरुद्दीन ने बताया कि वह कई गिरोहों का करीबी सहयोगी है। वह अपराध करने के लिए गिरोह के सदस्यों को चोरी के वाहन प्रदान करता था। वर्ष 2018 और 2019 में उनके अपने सहयोगी फुरकान, रिजवान और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर नोएडा, बुलंदशहर और संभल जैसे कई क्षेत्रों में कई डकैती की थी। फरवरी 2019 में उसे नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद जेल से बाहर आने के बाद में वह सलमान और फैजान नाम के दो आरोपियों के साथ साहिबाबाद इलाके में नाम बदलकर रहने लगा था।


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