नई दिल्ली : सरकारी स्कूलों में पढ़ाने का अनुबंध खत्म होने के बाद 60 साल की उम्र तक सेवा नियमितीकरण की पॉलिसी को लेकर गेस्ट टीचर्स बीते दस दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। इसके बावजूद इस विषय पर सिवाए राजनीति के और कुछ नहीं किया जा रहा है। ऐसे में अब न केवल गेस्ट टीचर्स मानसिक रूप से, बल्कि शारीरिक रूप से भी कमजोर पड़ने लगे हैं।
दिल्ली भाजपा कार्यालय के बाहर रविवार को धरना प्रदर्शन के दौरान ऐसा ही एक दृश्य देखने को मिला, जब एक महिला गेस्ट टीचर अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर गई। अध्यापिका तरन्नुम को बेहोशी की हालत में तुरंत राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में भर्ती करवाया गया। खबर लिखे जाने तक मिली जानकारी के मुताबिक दो लेडी डॉक्टर्स द्वारा उनका उपचार किया जा रहा था।
इस मुद्दे पर राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे को नीचा दिखाने का प्रयास कर रही हैं। शुरुआत में शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया, फिर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी, इसके बाद कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा और रविवार को कांग्रेसी नेता किरण वालिया ने धरने प्रदर्शन में शामिल होकर गेस्ट टीचर्स का समर्थन किया।


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