दिल्ली उच्च न्यायालय ने अमेरिका स्थित गूगल एलएलसी, फेसबुक और ट्विटर को एक महिला द्वारा निलंबित आईएएस अधिकारी के खिलाफ किए गए आपत्तिजनक पोस्ट और ट्वीट अपने प्लेटफॉर्म से हटाने का निर्देश दिया है। अदालत ने महिला को अगले आदेश तक निलंबित अधिकारी से संबंधित किसी भी खबर को यूट्यूब/फेसबुक/ इंस्टाग्राम या किसी वेबसाइट/समाचार पत्र/टीवी चैनल पर प्रकाशित या प्रसारित नहीं कराने का भी निर्देश दिया है।
अदालत ने इस मामले में उस महिला, गूगल, फेसबुक और ट्विटर को सम्मन जारी कर मामले पर सुनवाई 31 अगस्त तक स्थगित कर दी। निलंबित आईएएस अधिकारी ने अपनी शिकायत में महिला पर मानहानि का आरोप लगाते हुए हर्जाने की मांग की है।
अधिकारी के अनुसार वह 2017 में भारत सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ मेक्सिको में थे। इस दौरान विवाहित महिला ने उन्हें फेसबुक पर कई बार मित्रता अनुरोध भेजा, जिसे अंतत: उन्होंने स्वीकार कर लिया।
अधिकारी ने दावा किया कि उन्होंने महिला को बताया कि वह शादीशुदा हैं। हालांकि महिला की जिद पर वह अस्पताल में उससे मिलने गए, जहां वह ठहरी हुई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि महिला ने फरवरी 2018 से उनसे पैसे मांगने शुरू कर दिए।
अधिकारी की शिकायत में दावा किया गया है उन्होंने कर्ज में फंसे दोस्त की मदद की नीयत से उसे पैसे दिए। हालांकि, महिला मौखिक दुर्व्यवहार, शारीरिक हमला करने लगी और आत्महत्या करने की धमकी देने लगी।
शिकायत में कहा गया है कि महिला ने 20 करोड़ रुपये और दिल्ली में अपने लिए घर खरीदने की मांग की। इसके अलावा महिला ने अधिकारी से अहमदाबाद स्थित उनका घर अपने नाम करने की भी मांग की।
अधिकारी के अनुसार इसके बाद महिला ने उनके खिलाफ महिलाओं पर अपराधों से संबंधित प्रकोष्ठ और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत भी दर्ज कराई। सभी ने इसकी जांच की, लेकिन उनके खिलाफ कुछ नहीं पाया।
इसके बाद महिला ने उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान चलाना शुरू कर दिया और सोशल मीडिया पर उनके विरुद्ध कई लेख तथा पोस्ट लिखे, जिन्हें हटवाने के लिए अधिकारी ने अदालत का रुख किया।


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