Ganja Smuggling Busted : साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान श्रीराम, सुबोध कुमार मिश्रा और बृज किशोर तिवारी के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से 183 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी कीमत अवैध बाजार में करीब 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार श्रीराम इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड और ट्रक मालिक है, जबकि सुबोध ट्रक चालक और बृज किशोर उसका सहयोगी है। डीसीपी डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि पुलिस को 13 जून को सूचना मिली थी कि यूपी नंबर का एक ट्रक कंटेनर भारी मात्रा में गांजा लेकर दिल्ली आने वाला है।
सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर अजय इलाके में जाल बिछाया। 14 जून की रात करीब 1:50 बजे संदिग्ध ट्रक को इंडियन ऑयल एलपीजी प्लांट के पास रोककर तलाशी ली गई ।तलाशी के दौरान चालक केबिन के ऊपर विशेष रूप से तैयार किए गए गुप्त खांचे का पता चला। इस सीक्रेट केबिन से भूरे टेप में पैक 38 पैकेट बरामद हुए, जिनमें कुल 183 किलो गांजा छिपाकर रखा गया था।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश से दिल्ली-एनसीआर में हो रही थी सप्लाई
गिरफ्तार चालक सुबोध कुमार मिश्रा (40) और उसके साथी बृज किशोर तिवारी (36) ने पूछताछ में खुलासा किया कि यह खेप ओडिशा और आंध्र प्रदेश से दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई की जानी थी। जांच में सामने आया कि पूरे नेटवर्क का संचालन श्रीराम, निवासी अयोध्या (उत्तर प्रदेश), कर रहा था। वह गांजा की खरीद, परिवहन और सप्लाई की व्यवस्था संभालता था, तकनीकी निगरानी और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने श्रीराम को अयोध्या से गिरफ्तार कर लिया।
जांच में यह भी सामने आया कि श्रीराम पहले से एनडीपीएस एक्ट के तीन मामलों में शामिल रहा है।पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े सप्लायरों, फाइनेंसरों और अन्य तस्करों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
यह भी पढ़ें : बाढ़ से बचाव के लिए यमुना किनारे बनेगी 4.7 किमी लंबी सुरक्षा दीवार, IIT करेगा अध्ययन


Download Android App
Download iOS App




