नयी दिल्ली : जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टेनमेयर चार दिवसीय यात्रा पर आज भारत पहुंचे । जर्मनी के राष्ट्रपति के रूप में अपनी पहली भारत यात्रा के दौरान स्टेनमेयर भारतीय नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय महत्व के विषयों पर चर्चा करेंगे ।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट करके कहा कि जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टेनमेयर और श्रीमति एल्की बुदेनबेंदर के भारत पहुंचने पर पेयजल एवं स्वच्छता राज्य मंत्री एस एस आहलुवालिया ने उनकी अगवानी की। जर्मनी के राष्ट्रपति का 22 से 25 मार्च तक भारत की यात्रा का कार्यक्रम है । इस दौरान उनका प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र ‘वाराणसी’ जाने का कार्यक्रम है। विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, स्टेनमेयर का यह दौरा महत्वपूर्ण है क्योंकि 14 मार्च 2018 को जर्मनी में नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद यह राष्ट्रपति का पहला दौरा है । अपनी यात्रा के दौरान स्टेनमेयर वाराणसी एवं चेन्नई का दौरा करेंगे । स्टेनमेयर के साथ जर्मनी के शीर्ष उद्योगपति और भारत संबंधी विषय के जानकारों का एक प्रतिनिधिमंडल आया है ।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, जर्मनी के साथ भारत के संबंध द्विपक्षीय एवं वैश्विक संदर्भ में हमारे सबसे महत्वपूर्ण संबंधों में से एक हैं । साल 2000 में सामरिक भागीदारी स्थापित होने के बाद से दोनों देशों की सरकारों ने इस संबंधों को प्रगाढ़ बनाने की कोशिश की है । मंत्रालय के अनुसार, भारत की अनेक क्षेत्रों में मौजूदा प्राथमिकता जर्मनी की विशेषज्ञता एवं अनुभव का लाभ उठाना है जो ऊर्जा, कौशल विकास, स्मार्ट सिटी, जल एवं कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में मिलती हैं। जर्मनी यूरोप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार और भारत में सातवां सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है । उल्लेखनीय है कि स्टेनमेयर इससे पहले विदेश मंत्री और वाइस चांसलर के तौर पर भारत की यात्रा पर आ चुके हैं । इससे पहले फरवरी 2014 में जर्मनी के राष्ट्रपति के रूप में जाकिम गॉच भारत की यात्रा पर आए थे ।
अधिक लेटेस्ट खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें।


Download Android App
Download iOS App



