गोवा सरकार ने शनिवार को राज्य में मछली के आयात पर छह महीने के लिए रोक लगा दी। यह कदम इस तटवर्ती राज्य में यह भय फैलने की पृष्ठभूमि में आया है कि मछली को संरक्षित करने के लिए फॉर्मोलिन का इस्तेमाल किया जा रहा है जो कि संभावित रूप से कैंसर कारक रसायन होता है।
गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने इस रोक की घोषणा शनिवार को की और कहा कि रोक की इस अवधि को और छह महीने के लिए बढ़ाया जा सकता है जब तक कि राज्य में मछली की गुणवत्ता की जांच के लिए उपाय नहीं हो जाते। राणे ने कहा, ”जब तक कि ऐसे उपाय (मछली जांचने के लिए) नहीं हो जाते, गोवा में तत्काल प्रभाव से मछली आयात पर रोक रहेगी।”
राज्य सरकार मछली पर इस वर्ष दूसरी बार रोक लगा रही है। इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने गत जुलाई में 15 दिन के लिए रोक की घोषणा की थी। उस रोक को सरकार की ओर से गोवा में मछली लेकर आने वाले ट्रकों की सीमा पर जांच शुरू करने के बाद हटा लिया गया था।
राणे ने कहा कि राज्य सरकार क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया, एक्सपोर्ट इंस्पेक्शन काउंसिल और भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) जैसी केंद्रीय एजेंसियों के साथ जांच प्रयोगशालाएं स्थापित करेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मछली आयात करने वाले व्यापारी गोवा खाद्य एवं औषधि प्रशासन के दिशानिर्देशों का पालन करने में असफल हैं। शिवसेना की गोवा इकाई ने कहा कि राज्य सरकार मछली में फार्मोलिन के बारे में लोगों को स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है।


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