Grap 4 Restrictions: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के खतरनाक रूप से ‘गंभीर+’ श्रेणी के करीब पहुंचने के बाद एक बार फिर सबसे कड़े प्रदूषण-रोधी प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने हालात तेजी से बिगड़ने के मद्देनजर ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत स्टेज-IV उपायों को दोबारा लागू करने की घोषणा की।
शनिवार शाम 4 बजे दिल्ली का एक्यूआई 400 दर्ज किया गया था, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। हालांकि, महज चार घंटे में यह बढ़कर 428 तक पहुंच गया, जो ‘सीवियर+’ श्रेणी (450 से ऊपर) की दहलीज के बेहद करीब है। इसलिए राजधानी में ग्रैप-4 के तहत कई कामों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
#WATCH | Delhi | Visuals from Akshardham area. Dense fog engulfs several parts of Delhi NCR as the minimum temperature dipped to -1.0 C in the area, as per IMD.
AQI in the area was recorded at 458 in the ‘Severe’ category, as claimed by CPCB. Restrictions under GRAP-4 have been… pic.twitter.com/7YSpUrYD7u
— ANI (@ANI) January 18, 2026
Commission for Air Quality Management: AQI बढ़ने का क्या कारण है?

अधिकारियों के अनुसार, एक्यूआई में इस तेज उछाल के पीछे पश्चिमी विक्षोभ, प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियां और प्रदूषकों के फैलाव की कमी प्रमुख कारण हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की उप-समिति ने अपने नोटिफिकेशन में कहा कि स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए सर्वसम्मति से एहतियाती कदम के तौर पर स्टेज-IV उपाय लागू करने का फैसला लिया गया है।
Severe Air Quality: ग्रैप-3 की पाबंदियां पहले से ही थीं लागू

दिल्ली-एनसीआर में पहले से ही GRAP के चरण 1, 2 और 3 के तहत पाबंदियां लागू हैं। इसके अलावा, हालात बिगड़ने से रोकने के लिए चौथे चरण (Stage-IV) यानी ‘सीवियर प्लस’ के तहत सख्त पाबंदियां लागू की गई हैं। इसमें निर्माण कार्यों पर रोक और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर कड़ी निगरानी शामिल है। यह कदम एहतियातन लिया गया है ताकि प्रदूषण और न बढ़े।
Delhi air Pollution: इन कामों पर लगी रोक

- निर्माण और ध्वस्तीकरण पर रोक- निजी और सरकारी सभी निर्माण काम पूरी तरह से बंद रहेंगे।
- हाईवे, फ्लाईओवर, पाइपलाइन, पावर ट्रांसमिशन, टेलीकॉम काम भी रुके।
- बीएस-4 और बीएस-5 डीजल कारों पर प्रतिबंध- दिल्ली-एनसीआर में इन वाहनों की एंट्री पूरी तरह से बैन कर दी गई है।
- नॉन-बीएस-VI वाहनों पर रोक- दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड पुराने वाहनों का प्रवेश बंद है।
- ट्रकों की एंट्री पर पाबंदी- केवल जरूरी सामान और इलेक्ट्रिक ट्रकों को छूट मिलेगी।
- निर्माण सामग्री ले जाने वाले ट्रकों पर सख्ती- पकड़े जाने पर ट्रकों की जब्ती।
- औद्योगिक गतिविधियों पर सख्त निगरानी- खुले में कचरा और बायोमास जलाने पर पूरी तरह से रोक।
- वर्क फ्रॉम होम लागू- सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% स्टाफ ऑफिस में, बाकी घर से काम करेंगे।
- स्कूल और कॉलेज- 10वीं और 12वीं के अलावा बाकी कक्षाएं हाइब्रिड मोड में चलेंगी।
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