केंद्रीय बजट से दिल्ली को निराशा हाथ लगी है। केंद्र सरकार ने दिल्ली के साथ सौतेला व्यवहार किया है। यह कहना है दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया का। केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए सिसोदिया ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार कांग्रेस की राह पर चल रही है। पिछले 17 साल से केंद्रीय करों के हिस्से से केवल 325 करोड़ रुपये ही दिए जा रहे हैं, जबकि दिल्ली सरकार ने हर बार इसे बढ़ाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने महिला सुरक्षा, पर्यावरण व अपराध को रोकने के लिए कुछ नहीं किया।
उन्होंने कहा कि इस बजट से हमें निराशा ही हाथ लगी है। 2001-02 से दिल्ली को केंद्रीय करों की हिस्सेदारी से केवल 325 करोड़ रुपए मिलते आए, जबकि दिल्ली सरकार ने इसे बढ़ाकर पांच हजार करोड़ रुपये करने की मांग रखी थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली का बजट 2001-02 में 8739 करोड़ रुपये था जो बढ़कर 2017-18 में 48,000 करोड़ रुपये हो गया। लेकिन केंद्रीय करों का हिस्से 325 करोड़ रुपये पर स्थिर रहा है। हालांकि, केंद्रीय करों के संग्रह में वार्षिक वृद्धि के आधार पर अन्य राज्यों में हर साल ज्यादा मिला।
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