Eastern District Crime News : खुद को पुलिस अधिकारी बताकर महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान मंगवाना, फिर भुगतान लेने के बहाने दुकानदार को पुलिस बूथ भेज देना और इसी बीच सामान लेकर फरार हो जाना। पूर्वी जिला पुलिस ने ऐसे ही एक शातिर अंतरराज्यीय ठग को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से दिल्ली समेत कई राज्यों में इसी तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहा था। आरोपी की पहचान जसवीर सिंह उर्फ मोनू (42) के रूप में हुई है, जो घोषित अपराधी (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) भी है और उसके खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान में 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि 19 जुलाई को मयूर विहार निवासी एसी कारोबारी प्रेम जुनेजा को एक व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को एसआई अशोक कुमार बताते हुए 1.5 टन एलजी स्प्लिट एसी का ऑर्डर दिया। आरोपी ने दुकानदार से एसी को मयूर विहार फेज-1 स्थित जय गुरुजी चौक के पास पहुंचाने को कहा और बताया कि भुगतान नजदीकी पुलिस बूथ से मिल जाएगा।
डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि आरोपी को एसीपी मयूर विहार की देखरेख में एसएचओ इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह नागर की टीम ने पकड़ा है। दुकानदार जब एसी लेकर बताए गए स्थान पर पहुंचा तो आरोपी ने उसे पेमेंट लेने के लिए पुलिस बूथ भेज दिया। जब वह वापस लौटा तो एसी और ऑर्डर देने वाला दोनों गायब थे। मोबाइल फोन भी बंद मिला।
इसके बाद थाना मयूर विहार में चोरी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने करीब 150 से 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, 150 से अधिक ई-रिक्शा चालकों से पूछताछ की और एआई आधारित सीसीटीवी एनालिसिस, तकनीकी निगरानी तथा स्थानीय खुफिया जानकारी की मदद से आरोपी तक पहुंची। गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर चोरी किया गया एलजी स्प्लिट एसी बरामद कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह खुद को पुलिस अधिकारी बताकर महंगे सामान का ऑर्डर देता था। डिलीवरी के समय दुकानदार को भुगतान लेने के लिए पुलिस बूथ या किसी अन्य स्थान पर भेज देता था और मौका मिलते ही सामान लेकर फरार हो जाता था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने और सिम कार्ड बदलता रहता था तथा अलग-अलग राज्यों में वारदात करता था।



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