दिल्ली में दौड़ेगी भारत की पहली तीन कोच वाली मेट्रो, लाजपत नगर से साकेत तक होगा सफर

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Delhi Metro : दिल्ली मेट्रो के फेज-4 विस्तार में एक ऐसा नया कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है, जो अपनी खास ट्रेन के कारण चर्चा में है। लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक के बीच करीब 8 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर पहली बार तीन कोच वाली मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना है। पूरी तरह एलिवेटेड यह कॉरिडोर दक्षिण दिल्ली के प्रमुख रिहायशी, कारोबारी और संस्थागत इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा। दक्षिण दिल्ली के इस नए कॉरिडोर से स्थानीय यात्रियों को प्रमुख बाजारों, अस्पतालों, अदालतों, कारोबारी केंद्रों और आवासीय इलाकों तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। यह…

Delhi Metro : दिल्ली मेट्रो के फेज-4 विस्तार में एक ऐसा नया कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है, जो अपनी खास ट्रेन के कारण चर्चा में है। लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक के बीच करीब 8 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर पहली बार तीन कोच वाली मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना है। पूरी तरह एलिवेटेड यह कॉरिडोर दक्षिण दिल्ली के प्रमुख रिहायशी, कारोबारी और संस्थागत इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा।

दक्षिण दिल्ली के इस नए कॉरिडोर से स्थानीय यात्रियों को प्रमुख बाजारों, अस्पतालों, अदालतों, कारोबारी केंद्रों और आवासीय इलाकों तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। यह कॉरिडोर क्षेत्र की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करेगा। यह कॉरिडोर गोल्डन लाइन के फेज-4 विस्तार का हिस्सा है। करीब 8 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर कुल आठ स्टेशन बनाए जाएंगे।

इनमें लाजपत नगर, एंड्रयूज गंज, ग्रेटर कैलाश-1, चिराग दिल्ली, पुष्पा भवन, साकेत कोर्ट, पुष्प विहार और साकेत जी ब्लॉक शामिल हैं। नए कॉरिडोर के शुरू होने से ग्रेटर कैलाश, चिराग दिल्ली, पुष्प विहार और साकेत सहित आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सीधा मेट्रो कनेक्शन मिलेगा। इससे सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होने और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

हर ट्रेन में करीब 900 यात्रियों की क्षमता

इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत तीन कोच वाली मेट्रो ट्रेन होगी। दावा है कि यह भारत में पहली तीन कोच वाली मेट्रो सेवा होगी। एक ट्रेन में करीब 900 यात्रियों के सफर करने की क्षमता होगी। यानी प्रत्येक कोच में लगभग 300 यात्री सफर कर सकेंगे। छोटे कॉरिडोर और इस मार्ग पर अनुमानित यात्री संख्या को देखते हुए तीन कोच वाली ट्रेन की व्यवस्था की जा रही है। इससे जरूरत के मुताबिक मेट्रो संचालन किया जा सकेगा और अपेक्षाकृत कम यात्री भार वाले रूट पर बड़े रेक चलाने की आवश्यकता नहीं होगी।

Sumant Chaudhary