पूर्वी दिल्ली: एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहीम ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का असर देश भर में देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर राजधानी दिल्ली में एक बेटी ऐसी भी है, जिसके माता-पिता उसे अपने-अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। मामला लक्ष्मी नगर इलाके का है। जहां एक मां करीब दो साल की अपनी बेटी को किसी अन्य परिवार को गोद देना चाहती है। हालांकि, उसे ऐसा करने के लिए बच्ची के पिता के हस्ताक्षर की जरूरत है, लेकिन मुश्किल ये है कि उसी महिला ने बच्ची के पिता को रेप के केस में जेल भिजवाया हुआ है। ऐसे में उस शख्स को भी अपनी बेटी की कुछ नहीं पड़ी है।
वह इस मौके का पूरा फायदा उठाने के फिराक में है। ऐसे में उसने बच्ची की मां के सामने हस्ताक्षर के बदले में रेप का केस वापस लेने की शर्त रख दी है। बता दें कि बच्ची करीब दो वर्षीय मुस्कान (बदला हुआ नाम) के माता-पिता करीब ढाई से लिव इन रिलेशन में एक साथ रह रहे थे। दोनों की जान-पहचान वहाट्सअप के जरिए जनवरी वर्ष 2014 में हुई थी। महिला का आरोप है कि आदित्य ने जुलाई 2014 में उससे उसका लैपटॉप और 40 हजार रुपए उधार लिए थे, जो उसने बाद में वापस नहीं दिए। उसी लैपटॉप की कीमत और उधार लिए रुपए वापस देने के लिए उसने उसे जनवरी 2015 में अपने पास बुलाया।
वहां उसने कोल्ड ड्रिंक में उसे नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया और उसने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह डरी हुई वहां से चली गईं। करीब डेढ़ महीने बात उसे पता चला वह मां बनने वाली है। उसने ये बात आदित्य को बताईं और कहा वह शादी के बगैर मां नहीं बनना चाहती। इस आदित्य ने उसे कहा कि वह उसे बहुत प्यार करता है। वह उससे शादी भी करेगा। इसके बाद वह दोनों साथ रहने लगे। आरोप है कि महिला उसे शादी के लिए कहती वह उसे टरका देता। इसी बीच उसने मुस्कान को जन्म दिया। महिला का कहना है कि जनवरी 2017 में पता चला कि आदित्य पहले से शादी शुदा है। इस पर उसने उसके खिलाफ मई माह में शकरपुर थाने में रेप का केस दर्ज करा दिया। जिस पर आरोपी को जेल हो गईं।
– कुणाल कश्यप


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