नई दिल्ली : नए नागरिकता कानून के विरोध में बीते शुक्रवार को जामा मस्जिद पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन के दौरान दरियागंज में हुई हिंसा को देखते हुए दिल्ली पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां पहले से ज्यादा सतर्क हैं। हिंसक प्रदर्शन के बाद मध्य जिला पुलिस उपायुक्त एमएस रंधावा ने स्पष्ट किया था कि यहां माहौल को बाहरी लोगों ने बिगाड़ा था।
वहीं स्थानीय लोगों ने भी इस बात को माना कि दिल्ली गेट पर माहौल खराब करने में बाहरी तत्वों का हाथ था। शुक्रवार को प्रदर्शन हो तो शांतिपूर्वक रहे। बाहरी तत्व प्रदर्शन में किसी तरह का बना डाल सकें, इसके लिए स्थानीय लोगों ने भी कमर कस ली है। वह भी अब शरारती तत्वों पर नजर रखेंगे।
भीड़ में कोई किसी तरह की शरारत करते हुए नजर आया तो वे उसे पकड़ कर सीधे पुलिस के हवाले कर देंगे। उधर, दिल्ली पुलिस ने जामा मस्जिद, दरियागंज व आस-पास इलाकों के जिम्मेदार लोगों व धर्मगुरुओं से बैठक की है। पुलिस ने उनसे कहा है कि वे खासतौर से युवाओं को शांति बनाए रखने के लिए अपील करें। पुलिस की इस पहल का असर भी देखने को मिला, जब मस्जिदों से धर्मगुरुओं ने अपील करते हुए कहा कि लोग किसी भी तरह की हिंसा का हिस्सा ना बने।
कानून सबके लिए बराबर है। नौजवान युवा कानून को हाथ में लेंगे तो उन्हें और उनके पूरे परिवार को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ेगा। शांतिपूर्वक तरीके से प्रदर्शन करें और अपनी बात को कानून के दायरे में रहते हुए ही सरकार के सामने रखें।


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