जामिया शिक्षक संघ और छात्रों ने श्रीलंका आतंकी हमले की निंदा की

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जामिया मिलिया इस्लामिया के शिक्षकों और छात्रों ने श्रीलंका में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घटना की निंदा की है।

नई दिल्ली : जामिया मिलिया इस्लामिया के शिक्षकों और छात्रों ने श्रीलंका में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मंगलवार को घटना की निंदा की है। वहीं शाम करीब छह बजे जामिया के छात्रों ने श्रीलंका में मारे गए निर्दोषों और एसिड अटैक की पीड़िता काजल को इंसाफ दिलाने के लिए कैंडल मार्च निकाला।

जामिया टीचर्स एसोसिएशन (जेटीए) ने ईस्टर त्योहार के अवसर हुए इस आत्मघाती हमले का विरोध करते हुए कहा है कि जिस तरह से कायरतापूर्ण कृत्य कर घटना को अंजाम दिया है वह मानवता के खिलाफ है। श्रीलंका की इस दुःख की घड़ी में जामिया एकजुटता के साथ उनके साथ खड़ा है। जेटीए घटना में सभी पीड़ित परिवारों के इस असहनीय क्षति के लिए अपनी संवेदना व्यक्त करता है। आतंकवाद के इस कृत्य की निंदा करता है।

साथ ही घटना के लिए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने की मांग करता है। वहीं एक प्रस्ताव की प्रति श्रीलंका के उच्चायुक्त, संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय और भारत के विदेश मंत्रालय को भेजी गई है। ज्ञात हो कि सोमवार को श्रीलंका की घटना पर दुःख व्यक्त करते हुए जामिया कुलपति प्रो. नजमा अख्तर व कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखा था।

आतंक के विरोध में है जामिया
जामिया के छात्रों ने भागलपुर की काजल पर एसिड अटैक और श्रीलंका में हुए आत्मघाती हमले के विरोध में सेंट्रल लाइब्रेरी से लेकर गेट संख्या सात तक कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए छात्र लारेब अहमद ने बताया कि आतंकी हमले विश्व में कहीं भी हो जामिया उसके विरोध में हमेशा खड़ा है।

वहीं यहां के छात्र अगर आसिफा के लिए आवाज उठा सकता है तो काजल के लिए भी आवाज बुलंद कर सकता है। छात्रों का कहना है जिस तरह से काजल की मौत की घटना सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही है, वह दुःखद है। वह आज भी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है और हम सब उसकी इस लड़ाई में साथ खड़े हैं।

Desk Team