नई दिल्ली : आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने रिटायरमेंट के बाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को लाभ का पद दिये जाने को देश में एक विवाद का कारण बताया है। इस बारे में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में संजय सिंह ने कहा कि किसी भी न्यायाधीश द्वारा किसी केस में सरकार के पक्ष में फैसला देने के तुरंत बाद उसको लाभ का पद दे दिया जाना, देश की जनता के मन में एक शंका पैदा करता है कि कहीं यह फैसला पक्षपातपूर्ण तो नहीं था।
संजय सिंह ने कहा कि न्यायाधीश पी सदाशिव अमित शाह को जमानत देते हैं और रिटायरमेंट के बाद उन्हें केरल का राज्यपाल बना दिया जाता है। इसी प्रकार सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश आदर्श गोयल ने एससी एसटी एक्ट के संबंध में एक फैसला सुनाया, जिसको लेकर पूरे देश में आंदोलन हुए अंततः सरकार को मजबूर होकर संसद में कानून बनाकर उस फैसले को बदलना पड़ा। सरकार ने उनके रिटायरमेंट के तुरंत बाद उनको एनजीटी का चेयरमैन बना दिया।
ऐसा एक मामला हाल ही में जनता के सामने आया तो न्यायाधीश ए के सीकरी से जुड़ा है। उन्होंने सीबीआई के डायरेक्टर आलोक वर्मा को हटाने के पक्ष में सरकार का समर्थन किया। रिटायरमेंट के बाद सरकार ने उन्हें लंदन में पांच साल के लिए संवैधानिक लाभ का पद दे दिया। जब मीडिया में उनकी पोस्टिंग को लेकर सवाल खड़े हुए तो जस्टिस एके सीकरी ने किसी भी तरह के पद लेने से इंकार कर दिया।


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