दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री एवं आम आदमी पार्टी (आप) नेता कैलाश गहलोत के कानूनी दल ने शनिवार को आयकर विभाग के छापे को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों का खंडन किया और कहा कि गहलोत के घर से करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति बरामद होने की गलत सूचनाएं प्रसारित की जी रही है।
कैलाश गहलोत की ओर से कानूनी दल ने एक बयान जारी कर कहा कि 60 घंटे तक चली छापेमारी के दौरान आयकर विभाग ने गहलोत के घर से सिर्फ 11 लाख रुपये और जेवरात बरामद किये जिनका लिखित दस्तावेज है। बयान में कहा गया, ‘तलाशी पूरी तरह विफल रही है और बरामद किये गए पैसे और जेवरात पूरी तरह से वैध हैं। इस प्रकार से आयकर छापे के दौरान किसी तरह की जब्ती नहीं हुई।’
बयान में छापे के दौरान गहलोत के घर से 100 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्तियों की जानकारी मिलने की सूचना को भी गलत बताया गया और दावा किया गया कि कैलाश गहलोत के निवास से किसी भी तरह की संपत्ति का एक भी दस्तावेज नहीं मिला है। गहलोत के कानूनी दल ने आरोप लगाया कि बुधवार को कुछ ही घंटे में छापे की कार्रवाई पूरी हो गई थी, लेकिन आयकर अधिकारी 60 घंटे तक उनके आवास में रूके रहे।
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बयान में बताया गया कि यह अफवाह फैलाई जा रही है कि छापे के दौरान कैलाश गहलोत के घर से अवैध 35 लाख रुपये बरामद हुए है जबकि सच्चाई यह के उनके आवास से सिर्फ 11 लाख रुपये मिले हैं। इसके अलावा दो करोड़ रुपये के आभूषण बरामद होने की अफवाह फैलाई जा रही है, जबकि सच्चाई यह है कि गहलोत की पत्नी के पास 28 लाख के गहने और उनकी सास के पास से 41 लाख रुपये के आभूषण से मिले हैं जो पूरी तरह से वैध हैं।
बयान में कहा गया कि केंद्र सरकार के आदेश पर आयकर विभाग तथा अन्य एजेंसियों द्वारा की जा रही कार्रवाई का तथ्यों के आधार पर दृढ़ता से सामना किया जाएगा और कानून का पालन करने वाले एक नागरिक एवं निर्वाचित प्रतिनिधि को परेशान करने तथा डराने के प्रयासों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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