Lalu Yadav Land For Job Case: जमीन के बदले नौकरी मामले में लालू यादव और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में इस केस में सुनवाई जारी है, जिसमें कोर्ट ने कहा कि लालू यादव के खिलाफ पुख्ता सबूत और आरोप तय किए गए है साथ ही अधिकारों के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है।
Lalu Yadav Land For Job Case

कोर्ट ने अपना आदेश जारी करते हुए कहा कि लालू यादव के साथ ही उनके परिवार के खिलाफ पुख्ता सबूत है, जिसमें जमीन के बदले नौकरी देने के लिए आपराधिक सिंडिकेट की तरह यह काम किया गया था साथ ही साजिशकर्ता के रूप में भूमिका निभाई थी। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के दौरान कुल 41 आरोपियों पर धारा 13(2) और 13(1) प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत आरोप तय किए गए है। वहीं 52 आरोपियों को इस केस से छूट्टी देने का फैसला लिया जाएगा। कोर्ट ने माना है कि अधिकारों का दुरुपयोग किया गया है और जमीन के बदले सरकारी नौकरी दी गई है।
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कोर्ट में CBI ने बताया कि रेलवे में सरकारी नौकरी देने के लिए जमीन हासिल की गई और अभ्यर्थियों के परिजनों से जमीन अपने नाम या परिवार के नाम ट्रांसफर कराई गई। इस घोटाले में लालू परिवार और उनकी संस्था शामिल है। CBI ने दावा करते हुए कहा कि यह पूरा घोटाला सुनियोजित था और नेटवर्क की तरह संचालित किया गया। कोर्ट ने बताया कि सभी आरोप तय हो गए है, सबूत और गवाहों के आधार पर जांच शुरू की जाएगी साथ ही इस मामले में ट्रायल का रास्ता भी साफ हो गया है।
Land For Job Scam

RJD चीफ लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 तक UPA सरकार में रेल मंत्री थे। उस दौरान, रेलवे में ग्रुप D की नौकरियों के बदले लोगों ने लालू यादव के परिवार के नाम पर ज़मीन दी और गलत तरीके से भर्तियां भी की गईं। CBI ने कोर्ट में दलील दी कि इस मामले में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ, जिसमें ज़्यादातर ज़मीन के लेन-देन कैश में हुए। CBI ने इस मामले में सेक्शन 120B, 420, 468, 467, 471 और प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट 1988 के तहत चार्जशीट फाइल की।
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