देहरादून : स्पीड गवर्नर के विरोध में पर्वतीय मार्गों पर चल रही टैक्सी-मैक्सी संचालकों की हड़ताल का असर देहरादून पर भी पड़ रहा है। दून से टिहरी, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग आदि के लिए संचालित टैक्सी व मैक्सी वाहन बेहद कम संख्या में चल रहे। इसके चलते यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही। दूसरे विकल्पों में रोडवेज बसों की संख्या बेहद सीमित होने के कारण यात्री निजी विकल्पों की ओर भागते दिख रहे। प्रदेश के पहाड़ी मार्गों पर टैक्सी-मैक्सी ही सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को यात्रा की लाइफ-लाइन माना जाता है।
देहरादून से पहाड़ी मार्गों के लिए रिस्पना पुल स्थित दून-गढ़वाल टैक्सी यूनियन के तहत वाहन संचालन होता है। बीते दिनों हाईकोर्ट की ओर से सभी व्यावसायिक वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने के आदेश दिए गए थे। जिस पर परिवहन विभाग वाहनों पर कार्रवाई कर रहा है। ट्रांसपोर्टर इसका विरोध कर रहे हैं और इसी के चलते एक हफ्ते से श्रीनगर व चंबा आदि में ट्रांसपोर्टरों ने टैक्सी-मैक्सी का संचालन बेमियादी रूप से ठप किया हुआ है। इसका असर दून पर भी देखने को मिल रहा। टिहरी और श्रीनगर आदि के लिए जो टैक्सी व मैक्सी यहां से निकली, उसे हड़ताली ट्रांसपोर्टरों ने बीच में रोक लिया और जबरन यात्रियों को उतार दिया।
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पर्वतीय टैक्सी महासंघ के आह्वान पर टैक्सी यूनियनों की हड़ताल का सरकार अब तक कोई समाधान नहीं तलाश सकी है। रास्ते में टैक्सी रोकने पर देहरादून से भी सुबह आठ बजे के बाद पर्वतीय मार्गों पर टैक्सी-मैक्सी नहीं भेजी गई। इसके चलते टिहरी, पौड़ी, चमोली, गोपेश्वर, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, श्रीनगर, घनसाली जाने वाले यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। यात्री रिस्पना टैक्सी स्टैंड पर भटकते रहे। दून-गढ़वाल टैक्सी यूनियन के सचिव सत्यदेव उनियाल का कहना है कि उनकी यूनियन की हड़ताल नहीं है।
– सुनील तलवाड़


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