Delhi Malviya Nagar Fire : मालवीय नगर के हौज रानी गांव में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद इलाके में बने होटलों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर होटल में बालकनी, इमरजेंसी एग्जिट या बाहर निकलने का दूसरा रास्ता होता तो कई लोगों की जान बच सकती थी। स्थानीय निवासी इमरान ने बताया कि हौज रानी करीब 800 साल पुराना गांव है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां बड़ी संख्या में होटल और गेस्ट हाउस खुल गए हैं।
उनका आरोप है कि कई होटल मालिक ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज कर रहे हैं। इमरान ने कहा कि होटल बनाना गलत नहीं है, लेकिन लोगों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। जिस होटल में आग लगी, वहां बाहर निकलने का सिर्फ एक ही रास्ता था।
अगर दूसरा गेट या इमरजेंसी एग्जिट होता तो लोग आसानी से बाहर निकल सकते थे।
स्थानीय निवासियों की प्रशासन से यह मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि मालवीय नगर और हौज रानी इलाके के ज्यादातर होटलों में बालकनी नहीं है। अधिक कमरे बनाने के लिए इमारतों में खुली जगह छोड़ने से बचा जाता है। आग जैसी घटना होने पर यही कमी लोगों की जान पर भारी पड़ती है। हादसे में जान गंवाने वाले कई लोग ऐसे थे, जो दिल्ली इलाज कराने आए थे और होटल में ठहरे हुए थे।
पहले से बीमारी से परेशान इन लोगों के परिवारों पर यह हादसा और बड़ा दुख बनकर टूट पड़ा। लोगों का कहना है कि कुछ पैसे बचाने या ज्यादा कमाई के लिए किसी की जान को खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके के सभी होटलों की जांच कराई जाए। जिन होटलों में फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
होटलों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों ने उठाईं मांगें
मालवीय नगर अग्निकांड के बाद स्थानीय लोगों ने इलाके में संचालित होटलों और गेस्ट हाउसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि हादसे ने साफ कर दिया है कि कई इमारतों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि सभी होटलों में कम से कम दो निकास द्वार अनिवार्य किए जाएं ताकि आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकलने का वैकल्पिक रास्ता मिल सके।
इसके अलावा प्रत्येक भवन में इमरजेंसी एग्जिट और फायर एस्केप सीढ़ियों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि हर मंजिल पर सुरक्षा मानकों की नियमित जांच होनी चाहिए और जिन होटलों में फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं हो रहा है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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