पश्चिमी दिल्ली : उत्तर-पश्चिमी जिले के मॉडल टॉउन थाने में शनिवार रात करीब डेढ़ बजे डीओ रूम में पुलिसकर्मी आपस में बातें कर रहे थे। कुछ बाहर टहल रहे थे तभी एक युवक वहां पहुंचा। जिसकी शर्ट पर खून लगा हुआ था। युवक ने डीओ रूम में बैठे दो पुलिस वालों से कहा कि सर मैने अपनी मां का खून कर दिया है। लाश घर के कमरे में पड़ी है। इसके बाद शांत पड़े थाने में हड़कंप मच गया।
पुलिस वालों ने युवक के शर्ट पर खून लगा देखकर उसको तुरंत हिरासत में लिया और मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उनके सामने बैड पर खून बिखरा हुआ था। उसकी मां की गर्दन से खून बह रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। क्राइम टीम ने मौके से वारदात में इस्तेमाल चाकू आदी साक्ष्य को कब्जे में ले लिया।
पुलिस मामला दर्ज कर आरोपी से पूछताछ कर रही हैं। जानकारी के अनुसार, मृतक महिला की पहचान आशा (40) के रूप में हुई है। वह अपने दो बेटों के साथ मॉडल टाउन थाना के विजय नगर ओल्ड गुप्ता कॉलोनी के डबल स्टोरी में किराए के मकान पर रहती थी। आशा के पांच बेटे हैं, जिसमें से आरोपी दीपक और उसका छोटा भाई उसके साथ रहते थे, जबकि बाकी तीन अलग-अलग जगहों पर रहते थे।
आशा घरों में साफ-सफाई का काम करती थी। बीती रात एक बजकर 27 मिनट पर मॉडल टॉउन थाने में दीपक आया था, जिसने बताया कि साहब मैंने अपनी मां की गर्दन रेतकर हत्या कर दी है। लाश कमरे में पड़ी है। रविवार को बाबू जगजीवन राम अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया।
मां के चरित्र पर करता था शक, कई बार हुई कहासुनी
आरोपी दीपक बेरोजगार है, उसे नशे की लत है। नशा नहीं मिलने पर वह अपने भाई और मां से झगड़ा करने लगता था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दीपक अपनी मां के चरित्र पर शक करता था। वह गुस्से में कई बार इस बात को अपनी मां से बोल भी चुका था। दीपक काफी गुस्से वाला है।
रात को जब उसका भाई अपने दोस्तों के साथ कहीं पर गया था। उसी समय दीपक की अपनी मां से किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। उसकी मां ने भी उसको गुस्से में आकर कुछ कह दिया था। दीपक ने अपनी मां से हाथापाई की और पास रखा सब्जी काटने वाला चाकू से उनकी गर्दन रेत दी।
बैड पर खून से लथपथ पड़ी थी आशा की लाश
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जब पुलिस दीपक के बताने पर उसके घर पहुंची तो मुख्य दरवाजा बंद था लेकिन कुंडी नहीं लगी थी। अंदर जाकर देखा बेड पर आशा खून से लथपथ हालत में पड़ी थी, जिनको तुरंत बाबू जगजीवन राम अस्पताल में दाखिल कराया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उनकी गर्दन समेत शरीर के कई जगहों पर चोट के निशान थे। पुलिस अधिकरियों ने बताया कि बिस्तर पर बिछाई गई चादर और तकिया और फर्श पर काफी ज्यादा खून फैला हुआ था। पास ही खून से सना चाकू पड़ा था। तीनों चीजों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया।


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