एक एनजीओ ने स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से एम्स में एमबीबीएस में दाखिले के लिए काउंसलिंग रोकने की अपील की है। एनजीओ ने आरोप लगाया है कि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए सीटों के आवंटन संबंधी उच्चतम न्यायालय के आदेश का ‘‘घोर उल्लंघन’’ कर ऐसा किया जा रहा है।
गैर सरकारी संगठन ‘‘जनहित अभियान’’ ने अपनी शिकायत में कहा कि वर्ष 2018 में साझा काउंसलिंग प्रक्रिया ऑफलाइन से ऑनलाइन किये जाने के बाद उच्चतम न्यायालय के निर्देश का इस हद तक उल्लंघन किया जा रहा है कि यदि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार सामान्य श्रेणी के तहत खुली प्रतिस्पर्धा से दाखिला ले लेते हैं तो उनके द्वारा छोड़ी गयी सीटें आरक्षित श्रेणी के उम्मीवारों के पास नहीं जा रही हैं।
एनजीओ के अनुसार शीर्ष अदालत ने कहा था कि ऐसी रिक्त सीटें आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार द्वारा ही मेधाक्रम में भरी जानी चाहिए।
एनजीओ ने 2019 के सत्र के लिए एमबीबीएस काउंसलिंग तत्काल बंद करने की मांग की है। इस शिकायत की एक प्रति एम्स निदेशक के पास भी भेजी गयी है।


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