नयी दिल्ली : राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने गाजियाबाद और नोएडा में रियल एस्टेट डेवलपर्स को भूजल दोहन के लिए एनओसी देने के दौरान शर्तों के अनुपालन में कई कमियों को देखते हुए केन्द्रीय भूजल प्राधिकरण के सीईओ को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिये हैं।
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली एक पीठ को बताया गया था कि हालांकि भूजल निकासी के लिए प्रस्तावक को एनओसी दी गई है, लेकिन शर्तों का अनुपालन नहीं किया गया है। पीठ ने कहा, ‘‘हम पाते हैं कि भूजल दोहन के लिए एनओसी देते समय प्राधिकरण द्वारा लगाई गई शर्तों के अनुपालन में कई कमियां हैं। प्राधिकरण कमियां संज्ञान में आने के बाद आवश्यक कार्रवाई करने में विफल रहा है।’’
अधिकरण उत्तर प्रदेश निवासी महाकर सिंह द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था। याचिका में रियल एस्टेट डेवलपर्स द्वारा नोएडा और गाजियाबाद में ‘वेव सिटी’ और ‘हाई टेक सिटी’ की परियोजना के लिए पेड़ों की अवैध कटाई, भूजल की निकासी और पर्यावरणीय मंजूरी के बिना निर्माण का आरोप लगाया गया है।


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