नई दिल्ली : राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण(एनजीटी) ने हिमाचल प्रदेश सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। कि राज्य में किसी भी परिस्थिति में अवैध खनन न हो। न्यायाधिकरण ने यह निर्देश उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया जिसमें राज्य के कांगड़ा क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध खनन का आरोप लगाया गया है।
न्यायाधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार को अवैध खनन से क्षेत्र में हुए नुकसान की भरपाई करने की योजना सौंपने का भी निर्देश दिया। न्यायमूर्ति दलीप सिंह ने सुनवाई के दौरान कहा कि उस क्षेत्र में किसी भी परिस्थिति में अवैध खनन नही होना चाहिये।
न्यायाधिकरण ने उन चार व्यक्तिों के खिलाफ नोटिस जारी किया जिन पर क्षेत्र में खनन करने का आरोप है। हिमाचल प्रदेश में पिछले वित वर्ष के दौरान अवैध खनन के 8500 मामले प्रकाश में आये जबकि उसके पहले वर्ष 9303 मामले सामने आये। राज्य सरकार की कड़ी कार्रवाई की चेतावनी के बावजूद खनन माफिया वहां अवैध गतिविधियों में लिप्त है।


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