‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) पिछले लगभग दो महीनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है। वे NEET परीक्षा में गड़बड़ियों और दस से ज़्यादा छात्रों की आत्महत्या के मामले में सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। इसी बीच, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 25 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं; उनका कहना है कि जब तक सरकार इस्तीफ़ा नहीं देती, तब तक यह हड़ताल खत्म नहीं होगी। 18 जुलाई, 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए अधिकारियों ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया; हालांकि, 21 जुलाई को हाई कोर्ट में सुनवाई के बाद उन्हें मेदांता अस्पताल भेज दिया गया। इसके बाद, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह आज, 22 जुलाई को उनसे बात करने के लिए मेदांता अस्पताल पहुंचे थे, तकरीबन 1 घंटे तक इनकी बातचीत हुई है।
इन मुद्दों पर हुई नेताओं और वांगचुक में बातचीत
बता दें कि आज सोनम वांगचुक से मिलने जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह दोनों नेता पहुंचे, इनके बीच करीब 1 घंटे तक बातचीत हुई। मंत्रियों ने वांगचुक से मिलकर उनकी हाल चाल जाना और उन्हें बताया कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर बातचीत के लिए पूरी तरह से तैयार है। इस दौरान दोनों मंत्रियों ने वांगचुक को भरोसा दिलाया कि हमारी सरकार शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इस दौरान मंत्रियों ने वांगचुक से कहा कि आप छात्रों से अपील करें कि वे सरकार पर पूरा भरोसा बनाये रखे और किसी भी उग्र प्रदर्शन न करें। हालांकि, इस मुलाक़ात से पहले खबर है कि दोनों मंत्री गृहमंत्री अमित शाह से मुलाक़ात की थी।
सोनम वांगचुक की मांग क्या है?
सोनम वांगचुक की मौजूदा मांगें मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने और पेपर लीक की घटनाओं के लिए जवाबदेही तय करना है। उनकी मुख्य मांगों में शामिल हैं, शिक्षा में कड़े सुधार और जवाबदेही बने। वे चाहते है कि वे NEET समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बड़ियों के लिए सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। छात्रों के लिए न्याय, वे देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य की बात कर रहे हैं।


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