एक लाख छात्रों ने 400 उद्यमियों से सीखे जिंदगी में आगे बढ़ने के गुर

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दिल्ली सरकार की ओर से नौवीं से बारहवीं तक की कक्षा के लिए शुरू की गई एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम (उद्यमिता पाठ्यक्रम) में 459 स्कूलों में लाइव एंटरप्रेन्योर इंटरेक्शन हो चुका है।

नई दिल्ली : दिल्ली सरकार की ओर से नौवीं से बारहवीं तक की कक्षा के लिए शुरू की गई एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम (उद्यमिता पाठ्यक्रम) में 459 स्कूलों में लाइव एंटरप्रेन्योर इंटरेक्शन हो चुका है। इसमें 1,09,574 छात्रों ने 400 से ज्यादा उद्यमियों से मिलकर जिंदगी में आगे बढ़ने के गुर सीखे। 
इस इंटरेक्शन के जरिये बच्चे हर साल कई एंटरप्रेन्योर्स की कहानी और संघर्ष के बारे में उन्ही एंटरप्रेन्योर्स से छोटे ग्रुप में मिलकर बातचीत करके जानेंगे और उनकी यात्रा और संघर्ष को समझेंगे। इस पहल को अप्रैल 2019 से ही सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही थी पर उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के प्रयासों के बाद पिछले एक महीने में तमाम उद्यमी इस पाठ्यक्रम से जुड़े हैं और एक पॉजिटिव माहौल बना है। 
पिछले 2-3 हफ्ते में ही लगभग 85000 से अधिक बच्चों से 350 एंटरप्रेन्योर मिले। स्कूलों का दौरा करने वाले एंटरप्रेन्योर भी बहुत अलग-अलग क्षेत्रों और तबके से आगे आए हैं। इनमें निजी कंपनी के फाउंडर, कर्मचारी व चेयरमैन शामिल हैं। इस पूरे पाठ्यक्रम को छात्रों से गजब का प्रतिभा मिल रहा है। इस दौरान कुछ छात्रों ने अपना अनुभव साझा किए। 
जीएसकेवी की छात्रा तनीषा और शेफाली ने कहा कि हमने सत्र के दौरान अपने लक्ष्यों को प्राप्त करना, गलतियों से सीखना व समस्याओं को दूर करना सीखें। पटपड़गंज स्थित राजकीय सर्वोदय कन्या विद्यालय की छात्रा रिद्धि ने कहा कि उत्कृष्ट सत्र रहा। हमने बहुत कुछ सीखा। सत्र में भाग लेने के बाद हम एक भावी उद्यमी बनने के लिए प्रेरित महसूस कर रहे हैं। जेनी ने कहा कि मैंने बहुत कुछ सीखा है। हमें भविष्य  की दिशा मिली।
अगली पीढ़ी के निर्माण की दिशा में काम करें
इस दौरान कई उद्यमियों ने अपने विचार साझा किए। एक उद्यमी ने बताया कि मैंने कई प्रतिष्ठित छात्रों के साथ बातचीत की है। यह बातचीत अद्वितीय और कई मायनों में बेजोड़ है। उनकी सरलता को महसूस किया जा सकता है। मेरा सुझाव है कि दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले मेरे दोस्त सरकारी स्कूलों का दौरा करें, छात्रों के साथ बातचीत करें और अपना ज्ञान साझा करें। 
यह सबसे अच्छा योगदान होगा, हम अपनी अगली पीढ़ी के निर्माण की दिशा में काम कर सकते हैं। वहीं दूसरे उद्यमी ने बताया कि मैं वास्तव में चाहता हूं कि हमारे अनुभव से आने वाली पीढ़ी जानकारी ली। वह परेशानियों व बारीकियों को समझे। यह एक अद्भुत बातचीत थी, जिसमें वास्तव में काम करने के लिए कुछ सुपर कूल विचार थे।

Desk Team