Pakistani National Arrested in Delhi: क्राइम ब्रांच ने पुरानी दिल्ली इलाके में 15 अगस्त को एक पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वह बिना वैध दस्तावेजों के दिल्ली में रह रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी नेपाल के रास्ते भारत आया और यहां एक रेस्टोरेंट में काम कर रहा था। पुलिस अब उसके भारत आने, दिल्ली में रहने और यहां तक पहुंचने से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। बता दें कि आरोपी की मां मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली थी। बाद में उसने पाकिस्तानी मूल के एक व्यक्ति से शादी की और पाकिस्तान की नागरिकता हासिल की थी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी नागरिक के पकड़े जाने के बाद क्राइम ब्रांच के साथ केंद्रीय एजेंसियों ने भी उससे पूछताछ की। काफी देर तक चले सवाल-जवाब में उसके भारत आने और यहां रहने के कारणों के बारे में जानकारी ली गई। बता दें कि जांच एजेंसियों के सामने आतंकी गतिविधि से जुड़ा कोई ठोस एंगल फिलहाल सामने नहीं आया है। इसके बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आरोपी को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस यानी FRRO के हवाले कर दिया है। अब उसे पाकिस्तान भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
2025 में पाकिस्तानी नागरिकों को लेकर सख्ती
पाकिस्तानी नागरिकों की भारत में मौजूदगी को लेकर केंद्र सरकार ने अप्रैल 2025 में कई सख्त कदम उठाए थे। उस समय दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी कहा था कि केंद्र सरकार के निर्देशों को राजधानी में पूरी तरह लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 27 अप्रैल 2025 से मेडिकल, डिप्लोमैटिक और लॉन्ग-टर्म वीजा को छोड़कर पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए अन्य वीजा रद्द कर दिए हैं। मेडिकल वीजा भी 29 अप्रैल 2025 के बाद मान्य से हटा दिए गए थे। इसके बाद पाकिस्तानी नागरिकों के लिए नए वीजा जारी करने पर भी रोक लगा दी गई थी।
राज्यों को दिए गए थे पहचान के निर्देश
इसी दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात कर पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान करने और निर्धारित समय सीमा के अंदर उन्हें भारत से वापस भेजने के निर्देश दिए थे। इसके बाद राज्यों और सुरक्षा एजेंसियों ने अपने-अपने स्तर पर ऐसे लोगों की जानकारी जुटानी शुरू की थी।
पुरानी दिल्ली से हुई यह गिरफ्तारी इसी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई है। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी कितने समय से भारत में रह रहा था और उसने यहां रहने के लिए किन लोगों या साधनों की मदद ली।
नेपाल रूट पर भी सुरक्षा एजेंसियों की नजर
भारत में अवैध तरीके से एंट्री लेने के मामलों में सुरक्षा एजेंसियां नेपाल के रास्ते को भी संवेदनशील मानती हैं। सीमावर्ती इलाकों से भारत में दाखिल होने के बाद ऐसे लोग देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां नेपाल के रास्ते होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखती हैं।
हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल में भी कथित ISI नेटवर्क को लेकर जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की थी। इसी मामले में पाकिस्तानी जासूस राणा रऊफ के कथित प्रमुख मददगार को हुगली से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
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