भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी कायकर्ताओं से कहा कि जब तक देश के सभी राज्यों में भाजपा की विजय नहीं हो जाए तब तक वे शांत न बैठें। शाह ने विज्ञान महाविद्यालय के मैदान में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि लाखों बलिदानी कार्यकर्ताओं ने अपने जीवन की आहुति दी है तब जाकर पार्टी यहां पहुंची है। आज भी पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु में कार्यकर्ता अपनी जान की आहुति देकर भारत माता की सेवा कर रहे हैं। संघर्ष का परिणाम है कि पार्टी सफलता के शिखर पर है। लेकिन इसे सफलता का शिखर मत मानिए। अभी बंगाल, केरल, तेलंगाना और तमिलनाडु जीतना है तब जाकर भारतीय जनता पार्टी का काम समाप्त होगा।
शाह ने अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दूसरे दिन कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में 65 से अधिक सीटों पर जीत मिलने वाली है। लगातार मिल रही जीत का रहस्य हमारा बूथ पर बैठा कार्यकता है। पार्टी का यह स्वरूप आज नहीं आया है। हम 1950 से लगातार संघर्ष कर रहे हैं। आज हमारे सामने जो पार्टी का स्वरूप है, यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। आज हम भारत के मानचित्र पर देखें तब देश के 70 फ़ीसदी भूभाग पर भाजपा का झंडा फहराने का काम हमारे बूथ कार्यकर्ताओं ने किया है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं और जनता से अपील करता हूं कि चौथी बार सरकार बनानी है। रमन सिंह को मुख्यमंत्री बनाना है। लेकिन प्रचंड बहुमत से जीत दिलानी है। कार्यकर्ता एक लक्ष्य लेकर जाएं कि जब तक हम 65 सीटों को पार ना कर ले हमें आराम करने का अधिकार नहीं है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इसी रायपुर शहर में हमारे कार्यकर्ताओं को पीटा गया था जब कांग्रेस नेता अजीत जोगी मुख्यमंत्री थे। कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ को बीमारू राज्य बना दिया था। बिजली, पानी, सड़क नहीं थी। नक्सलवाद था। उसी समय परिवर्तन हुआ और जनता ने शरीर की बीमारी दूर करने वाले डॉक्टर को राज्य की बीमारी दूर करने का काम सौंप दिया। आज 14 साल में भाजपा ने छत्तीसगढ़ को कहां से कहां पहुंचा दिया है। आज एक भी आदमी भूखा नहीं है। एक भी गांव ऐसा नहीं है जो सड़क से नहीं जोड़ा गया हो। ऐसा गांव नहीं जहां लाइट ना हो, स्कूल ना हो। शाह ने दावा किया कि कांग्रेस के सहारे राज्य में नक्सलवाद बढ़ रहा था। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने नक्सलवाद को मूल समेत उखाड़कर छत्तीसगढ़ से बाहर फेंकने का काम किया है।


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