दिल्ली में यमुना रिवर फ्रंट पर गर्व के साथ घूम सकेंगे लोग : गजेंद्र सिंह शेखावत

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दिल्ली में यमुना होगी साफ, लोग करेंगे गर्व से सैर

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दावा किया है कि आने वाले समय में दिल्ली के लोग यमुना किनारे गर्व के साथ टहल सकेंगे। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित भव्य महाकुंभ में उन्होंने सेक्टर-23 में दो दिवसीय कुंभ वैश्विक शिखर सम्मेलन में भाग लिया।समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, “यमुना के ऊपरी इलाकों में इसके निरंतर प्रवाह को बनाए रखने के लिए कोई जलाशय नहीं है। सभी राज्यों से परामर्श करने के बाद, हमने लखवार, किशाऊ और रेणुकाजी में तीन बांध बनाने का फैसला किया है। एक बार यह कार्य पूरा हो जाने पर, दिल्ली में प्रवेश करने वाले 98 प्रतिशत प्रदूषण को कम किया जा सकेगा। दिल्ली में ‘डबल इंजन वाली सरकार’ यह सुनिश्चित करेगी कि यमुना भी गंगा की तरह साफ हो, जिससे लोग गर्व के साथ नदी के किनारे टहल सकेंगे।”

ग्लोबल समिट पर गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि करीब 60 करोड़ श्रद्धालु महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने के लिए आ चुके हैं। यहां एक ग्लोबल समिट होना अपने-आप में अद्भुत है। पीएम मोदी के नेतृत्व में प्रयागराज के विकास के लिए जो काम किया गया है, वह आज दिख रहा है। एक जगह पर इतने श्रद्धालु आ रहे हैं और उनके लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने कहा कि ‘नमामि गंगे प्रोजेक्ट’ में जिस तरीके से काम हुआ है, उसी का परिणाम है कि आज गंगा का पानी इतना साफ है। श्रद्धालु निश्चिंत होकर डुबकी लगा रहे हैं। सिर्फ गंगा ही नहीं, “हम यमुना को भी साफ करेंगे”।

ग्लोबल समिट में हिस्सा लेने के लिए त्रिनिदाद और टोबैगो से आए रोहन सिनानन ने कहा, “यहां आना मेरे लिए एक सौभाग्य की बात है। इस महाकुंभ ने केवल भारत के लोगों को, बल्कि पूरे ब्रह्मांड को जोड़ा है। मैं इस उत्सव के लिए आए दुनिया भर से लोगों से मिला हूं। मुझे लगता है कि इस समय इसकी जरूरत है। यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है।”

दूसरी ओर, महाकुंभ में महामंडलेश्वर की उपाधि से सम्मानित होने के बाद संत अमरनाथ पाठक बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंचे। स्थानीय पुजारियों और नागरिकों ने उनके सम्मान में भव्य शोभायात्रा निकाली। महामंडलेश्वर ने गरीब स्थान मंदिर में जाकर बाबा गरीब नाथ की पूजा-अर्चना की।

संत अमरनाथ पाठक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, “पीठाधीश्वर नरेशानंद महाराज ने अपनी पीठ सुकरताल से मुझे आचार्य महामंडलेश्वर बनाया है। मैं मुजफ्फरपुर के सभी लोगों का हार्दिक अभिनंदन, स्वागत और वंदन करता हूं।” बाबा गरीब नाथ मंदिर के मुख्य पुजारी विनय पाठक ने कहा, “महामंडलेश्वर संत अमरनाथ पाठक ने करीब 20 साल की तपस्या के बाद यह उपाधि हासिल की है। 12वीं पूर्णिमा के दिन उन्हें यह सम्मान मिला है, जो बहुत महत्वपूर्ण दिन है। यह उपलब्धि न केवल हमारे लिए, बल्कि शहर के सभी निवासियों के लिए खुशी की बात है।”

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