पीएम मोदी कल करेंगे वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तीन सेक्शन देश को समर्पित

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Vadodara News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आठ सितंबर को वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) के तीन महत्वपूर्ण सेक्शन देश को समर्पित करेंगे। यह भारत के डेडिकेटेड फ्रेट इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में एक बड़े चरण के पूरा होने का प्रतीक होगा। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पूर्वी और पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर मिलकर देश के ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की मुख्य रीढ़ बनाते हैं। इस प्रोजेक्ट का पूरा होना देश भर में ज्यादा क्षमता वाला डेडिकेटेड फ्रेट नेटवर्क बनाने के लिए बरसों से चल रहे काम का नतीजा है। वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी रेलवे लाइनों की भी रखेंगे…

Vadodara News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आठ सितंबर को वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) के तीन महत्वपूर्ण सेक्शन देश को समर्पित करेंगे। यह भारत के डेडिकेटेड फ्रेट इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में एक बड़े चरण के पूरा होने का प्रतीक होगा। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पूर्वी और पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर मिलकर देश के ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की मुख्य रीढ़ बनाते हैं। इस प्रोजेक्ट का पूरा होना देश भर में ज्यादा क्षमता वाला डेडिकेटेड फ्रेट नेटवर्क बनाने के लिए बरसों से चल रहे काम का नतीजा है।

वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी रेलवे लाइनों की भी रखेंगे आधारशिला

उन्होंने यह भी बताया ‌कि प्रधानमंत्री वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी रेलवे लाइनों की आधारशिला भी रखेंगे। रेलमंत्री ने कहा कि वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तीन सेक्शन साणंद (एन)–मकरपुरा, न्यू उमरगांव–न्यू सफाले व न्यू सफाले–जवाहरलाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल (जेएनपीटी) हैं। इन तीनों सेक्शन की कुल लंबाई 326 रूट किलोमीटर है और इन्हें ₹20,700 करोड़ से ज्यादा की लागत से तैयार किया गया है। इन सेक्शन के पूरा होने के साथ ही जेएनपीटी से दादरी तक वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम पूरा हो गया है। पूर्वी हिस्से में लुधियाना से सोननगर तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम भी पूरा हो गया है।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स सिस्टम के लिए मजबूत कदम

उन्होंने बताया कि 2014 से पहले इस प्रोजेक्ट पर कोई भी भौतिक काम पूरा नहीं हुआ था लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में लंबे समय से लंबित चुनौतियों और विभिन्न हिस्सों से जुड़ी समस्याओं का समाधान करते हुए इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया गया।

उन्होंने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का पूरा होना देश के माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। माल की ढुलाई के लिए खास रेल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाकर ये कॉरिडोर कामकाज की क्षमता बढ़ाने, कैपेसिटी में बढ़ोतरी करने और पूरे देश में सामान की तेजी से आवाजाही में मदद करेंगे।

Sumant Chaudhary