नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) का सदस्य होने के नाते कथित तौर पर लाभ के पद पर रहने के लिए आम आदमी पार्टी के विधायक सुरेंद्र सिंह को अयोग्य करार देने की मांग वाली याचिका को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने खारिज कर दिया।
राष्ट्रपति ने पिछले साल 16 सितंबर को चुनाव आयोग द्वारा दी गयी राय के आधार पर 31 दिसंबर, 2019 को याचिका को खारिज करने के आदेश पर हस्ताक्षर किये थे। दिल्ली विधानसभा के लिए आठ फरवरी को चुनाव होगा। छावनी विधानसभा से विधायक सिंह को इस बार आप ने टिकट नहीं दिया है।
याचिकाकर्ता संजीव कुमार राजपूत ने पिछले साल अगस्त में याचिका दाखिल कर सिंह को विधायक के रूप में अयोग्य करार देने की मांग की थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि एनडीएमसी का विधायक होने के नाते वह लाभ के पद पर हैं।
चुनाव आयोग ने राय दी कि एनडीएमसी अधिनियम, 1994 की धारा 4 के तहत एनडीएमसी में दो विधायकों की नियुक्ति वैधानिक अनिवार्यता है जो एनडीएमसी के क्षेत्र में पूर्ण या आंशिक रूप से पड़ने वाले विधानसभा क्षेत्र से चुनकर दिल्ली विधानसभा में पहुंचे हों। इसलिए विधायक सुरेंद्र सिंह अयोग्य नहीं हैं। आयोग की राय के आधार पर राष्ट्रपति ने याचिका खारिज कर दी।


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