उत्तराखंड में 18 नवंबर को होने वाले नगर निकाय चुनावों के लिए शुक्रवार शाम पांच बजे चुनाव प्रचार खत्म हो गया, लेकिन उससे पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने रोडशो कर शक्ति प्रदर्शन किया।
चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों ने मतदाताओं को लुभाने के लिये पूरा जोर लगा दिया और जनसभायें, रोड शो, रैली करने के अलावा घर—घर जाकर भी उन्होंने अपने पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया।
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मुख्यमंत्री रावत, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हरबंस कपूर तथा देहरादून में भाजपा के मेयर पद के प्रत्याशी सुनील उनियाल गामा की अगुवाई में भाजपा ने भी रोड शो किया जो पार्टी के महानगर कार्यालय से शुरू होकर पल्टन बाजार और घंटाघर होते हुए दर्शनी गेट पर समाप्त हुआ ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और नगर निकाय चुनावों में पार्टी को रिकार्ड तोड़ जीत हासिल होगी । रोडशो के बाद मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा,’‘हमें रिकार्ड जीत की उम्मीद है। कांग्रेस कहीं नहीं है।’’ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि पार्टी चुनावों में इतिहास रचने को तैयार है ।
प्रदेश में सात नगर निगमों, 39 नगर परिषदों तथा 38 नगर पंचायतों सहित 84 नगर निकायों के लिये एक चरण में 18 नवंबर को मतदान होना है ।
पिछले साल विधानसभा चुनावों में जबर्दस्त जीत हासिल करने वाली भाजपा सरकार पर इन चुनावों में अपने प्रदर्शन को दोहराने का दबाव भी है । वर्ष 2017 में भाजपा ने विधानसभा की 70 सीटों में से 57 पर जीत हासिल की थी।
नगर निकाय चुनाव कांग्रेस के लिये भी कम अहम नहीं है क्योंकि पिछले साल विधानसभा चुनावों में महज 11 सीटों पर सिमट गयी पार्टी को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले प्रदेश में संजीवनी की जरूरत है ।


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