Rekha Gupta MOU with RBI: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) दिल्ली ने सोमवार को वित्तीय प्रशासन की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया। दिल्ली सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के बाद दिल्ली को पहली बार आरबीआई का पूरा बैंकिंग फ्रेमवर्क मिलेगा, जिससे राज्य की वित्तीय व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
Rekha Gupta MOU with RBI: दिल्ली सचिवालय में हुआ एमओयू पर हस्ताक्षर
दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, जिनके पास वित्त विभाग की जिम्मेदारी भी है, उन्होंने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। बैठक में आरबीआई के वरिष्ठ अधिकारी, दिल्ली के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) बिपुल पाठक सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

Rekha Gupta News: वित्तीय चुनौतियों के समाधान की दिशा में बड़ा कदम
इस समझौते से दिल्ली सरकार को लंबे समय से चली आ रही वित्तीय समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है। अब सरकारी धन का बेहतर प्रबंधन संभव होगा। इससे वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और विकास से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह कदम राजधानी के लिए एक नए वित्तीय युग की शुरुआत करेगा।
RBI MOU: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बयान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस समझौते को दिल्ली के वित्तीय शासन में बड़ा सुधार बताया। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी होने के बावजूद दिल्ली को अब तक आरबीआई की आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं नहीं मिल पाई थीं। पहले सरकार के पास मौजूद अतिरिक्त धन का सही निवेश नहीं हो पाता था और उधारी के लिए महंगे विकल्प अपनाने पड़ते थे, जिससे जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया गया है।

आरबीआई से मिलेंगी नई बैंकिंग सुविधाएं
एमओयू के तहत अब दिल्ली सरकार का अतिरिक्त धन आरबीआई के माध्यम से रोज़ाना अपने आप निवेश किया जाएगा। इससे ब्याज से होने वाली आय बढ़ेगी और पैसा बेकार नहीं पड़ेगा। इसके अलावा, आरबीआई से वेज एंड मीन्स एडवांस और स्पेशल ड्रॉइंग फैसिलिटी जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी, जिससे अस्थायी नकदी की कमी को आसानी से पूरा किया जा सकेगा।

ब्याज दरों में भारी बचत की उम्मीद
इस समझौते के बाद दिल्ली सरकार अब स्टेट डेवलपमेंट लोन के ज़रिए लगभग 7 प्रतिशत की ब्याज दर पर बाज़ार से कर्ज़ ले सकेगी। पहले यही कर्ज़ 12 से 13 प्रतिशत तक की ऊंची ब्याज दर पर लेना पड़ता था। इससे सरकार को ब्याज भुगतान में बड़ी बचत होगी और वह धन जनकल्याणकारी योजनाओं में लगाया जा सकेगा।
केंद्र सरकार के सहयोग से संभव हुआ सुधार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह सुधार केंद्र सरकार के साथ लगातार सहयोग और संवाद का परिणाम है। दिसंबर 2025 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठक में दिल्ली की वित्तीय स्वतंत्रता और ढांचे को आधुनिक बनाने पर चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में दिल्ली को एक मजबूत और पारदर्शी बैंकिंग प्रणाली मिली है।
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